किशनगंज [जेएनएन]। पिछले कुछ दिनों से सीमांचल में छिपे आंतकी मो. आफताब खान उर्फ माही को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया गया। वह बांग्लादेश में सक्रिय अलकायदा समर्थित आतंकी संगठन एबीटी का सक्रिय सदस्य बताया जाता है। वह म्यांमार से बांग्लादेश के रास्ते भारत में आए रोहिंग्या मुसलमानों व अन्य युवकों को बहला-फुसला कर आतंकी बनाने का काम कर रहा था। 

दस दिन पहले संगठन के अन्य सदस्यों के पकड़े जाने के बाद सीमांचल में उसके छिपे होने का खुलासा हुआ था। आफताब नेपाल भागने की फिराक में था। खुफिया सूचना के आधार पर उसे बुधवार की शाम पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिला अंतर्गत पानी टंकी बाजार इलाके से गिरफ्तार किया गया। 

 

मो. आफताब की गिरफ्तारी के बाद जहां भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी और पुलिस हाईअलर्ट पर है, वहीं सीमांचल में उसे पनाह देनेवालों की तलाश भी की जा रही है। एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के सहायक कमांडेंट कुमार सुंदरम ने कहा कि बंगाल क्षेत्र में आतंकी के पकड़े जाने के बाद एसएसबी ने सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है।

 

पिछले 21 नवंबर को एबीटी के तीन सक्रिय सदस्यों को बंगाल एसटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार शमशाद मियां उर्फ तनवीर उर्फ तुषार विश्वास, रियाजुल इस्लाम उर्फ रियाज उर्फ सुमन तथा मनोतोष डे उर्फ मोना दा ने पूछताछ के क्रम में आतंकी आफताब के सीमांचल में छिपे होने की जानकारी दी थी।

 

खुफिया एजेसियों को पता चला कि आफताब एबीटी के अन्य सक्रिय सदस्य तामीम उर्फ सपन विश्वास तथा नयन गाजी के साथ मिलकर म्यांमार से बांग्लादेश के रास्ते भारत में आए रोङ्क्षहग्या मुसलमानों व अन्य युवकों को बहला-फुसला कर आतंकी बनाने का काम कर रहा है।

 

आफताब पर  बांग्लादेश में एक ब्लॉगर की हत्या करने का भी आरोप है। कोलकाता एसटीएफ की टीम आफताब से आवश्यक पूछताछ के बाद उसे लेकर कोलकाता रवाना हो गई।

 

Posted By: Kajal Kumari

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