जागरण संवाददाता, खगड़िया: राष्ट्रीय उच्च पथ पर इन दिनों मौत नाच रही है। राष्ट्रीय उच्च पथ-31 के मानसी-पसराहा के बीच पिछले चार महीनों में करीब 30 हादसों में डेढ़ दर्जन लोगों की जानें जा चुकी है। महेशखूंट के हरंगी टोला के समीप शनिवार की सुबह भी बाइक पर सवार दो युवाओं की मौत सड़क हादसे में हो गई।

कुछ दिनों पहले गौछारी के समीप आटो हादसा में एक व्यक्ति की जान चली गई। स्थानीय कई लोगों का आरोप है कि अक्सर लाइन होटलों के सामने रात में चालक ट्रक को खड़ा कर सो जाते हैं। उसमें लाइट नहीं होती है। परिणाम होता है कि पीछे से आ रहे वाहन चालकों को यह आभाष नहीं होता कि आगे वाहन खड़ी है और तेज रफ्तार के कारण टक्कर होती है और लोगों की जानें चली जाती है। एक जानकार व्यक्ति का कहना हुआ कि ठाठा के बाद पसराहा के बीच एनएच किनारे यदा-कदा ही गांव है। वाहन चालक तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं और अचानक एनएच पर खड़े वाहन से टकरा जाते हैं। रात में संबंधित थानों की पुलिस को इस ओर सतर्कता बरतने की जरूरत है। मगर इस ओर गंभीर नहीं होने से कई महिलाओं के सुहाग उजड़ रहे हैं और पुलिस पोस्टमार्टम करवाकर केस दर्ज करती है। जिला प्रशासन आपदा राहत के तहत मुआवजा देती है। उसके बाद मृतक के परिवार का समाज में क्या हालात होता है, यह कोई जानने वाला नहीं होता।

आठ-नौ साल पहले पसराहा के समीप ही गोगरी के भोजुआ गांव के एक परिवार के कई सदस्य हादसा में मारे गए। रहीमपुर के एक डीएसपी के परिवार के सदस्य भी हादसे में अचानक काल के गाल में समा गए। ऐसे में एनएच 31 पर रात में पुलिस की सक्रियता अब भी नहीं बढ़ी, तो लगातार लोगों की हादसे में मौत होती रहेगी और परिवार के परिवार उजड़ते रहेंगे। शनिवार को बाइक हादसा में मरे टुनटुन सिंह सलारपुर का रहने वाला था। मार्च 20 में ही उसकी शादी महद्दीपुर में हुई थी। जयप्रभा नगर के राजेश राम भी युवा थे। दोनों बेगूसराय में जेसीबी चलाते थे। महेशखूंट थानाध्यक्ष की माने तो 10 दिनों में आधे दर्जन लोगों की मौत सड़क हादसे हुई है। कोट

वे खुद रात में एनएच पर गश्ती करते हैं। अब कोई एनएच पर वाहन खड़ा नहीं कर सकता। होटल संचालकों को कहा गया है कि वे चालक को एनएच से नीचे वाहन उतारकर खड़ी करवाएं। हादसा का मूल कारण तेज रफ्तार सामने आ रहा है।

नीरज कुमार, थानाध्यक्ष, महेशखूंट, खगड़िया। -------

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कई बार मौत को रोकने को लेकर किया गया सतर्क

जागरण संवाददाता, खगड़िया: पुलिस प्रशासन मृतक के स्वजनों से मिले तब आभाष होगा कि जवान व्यक्ति की मौत से क्या कोहराम मचता है। जाप के वरीय नेता नागेंद्र सिंह त्यागी ने उक्त बात कहते हुए कहा कि कई बार पुलिस के वरीय अधिकारियों को कहा गया कि रात में होटलों के आगे ट्रक खड़ा किया जाता है। इससे दूसरे वाहन चालक को पता नहीं चलता और अचानक हादसा होता है और लोग मर जाते हैं। पुलिस प्रशासन को कम से कम कोहरे के समय इस ओर गंभीरता से कार्रवाई की जरूरत है। अब भी प्रशासन के लोग इस ओर सतर्क नहीं हुए, तो कब होंगे।

Edited By: Jagran