खगड़िया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं कोसी, बागमती, गंगा और बूढ़ी गंडक; 40 नावों के जरिए आवागमन जारी
खगड़िया में कोसी, बागमती, गंगा और बूढ़ी गंडक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ प्रवण क्षेत्रों के कई गांव जलमग्न हैं।

40 नावों के जरिए आवागमन जारी
HighLights
खगड़िया में चारों प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए 40 नावें संचालित।
प्रभावित लोग सूखा राशन, प्लास्टिक शीट की कमी से परेशान।
जागरण संवाददाता, खगड़िया। खगड़िया में कोसी, बागमती, गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। नदियां कभी स्थिर हो जाती हैं, तो कभी धीमी रफ्तार में दौड़ने लगती है और कभी सरपट भागने लगती हैं। अभी खगड़िया में कोसी, बागमती, गंगा और बूढ़ी गंडक सरपट भाग रही हैं। सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। बाढ़ प्रवण क्षेत्र के कई गांव-टोले बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। यहां नावें चल रही हैं।
सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी रिया राज सिंह के अनुसार जिले के पांच प्रखंडों में कुल 40 नावें चल रही हैं। खगड़िया सदर प्रखंड में 20, परबत्ता 10, गोगरी छह, मानसी और बेलदौर प्रखंड में दो-दो नावें चल रही हैं।
कई घर बाढ़ के पानी से घिरे
इधर बाढ़ प्रवण क्षेत्र के लोगों की अपनी व्यथा हैं। परबत्ता प्रखंड के कुल्हड़िया पंचायत के वार्ड संख्या आठ एवं 10 गंगा की बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। यहां परबत्ता अंचल प्रशासन की ओर से एक नाव का परिचालन कराया जा रहा है। कई घर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
वहीं बाढ़ प्रभावितों काे एक प्लास्टिक शीट तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जिससे उनमें नाराजगी हैं। वार्ड संख्या- आठ के वार्ड सदस्य दिलखुश कुमार एवं वार्ड संख्या- 10 के वार्ड सदस्य प्रतिनिधि मु. मोईम ने बताया कि प्रशासनिक स्तर बाढ़ प्रभावितों को तत्काल सूखा राशन और प्लास्टिक शीट उपलब्ध कराना चाहिए।
हेलोजन टेबलेट भी मुहैया कराई जाए, ताकि लोगों को शुद्ध पानी मिले। क्योंकि कई चापाकल पानी में डूब गए हैं अथवा चापाकल के चारों ओर पानी है।
बाढ़ से जूझ रहे मिलन यादव, ललन यादव, रकीना खातून, कुलशुम खातून ने बताया कि हमलोग एक सप्ताह से दूसरे के छत पर शरण लिए हुए हैं। खाने-पीने की काफी दिक्कत है।
बोरना पंचायत में भी बाढ़ का पानी
गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत में भी बाढ़ का पानी है। यहां के मुखिया प्रतिनिधि मु. नासिर इकबाल ने बताया कि, बूढ़ी गंडक की बाढ़ से वार्ड नंबर-10 पूर्ण रूप से प्रभावित है। हालांकि घरों में पानी प्रवेश नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि एक सितंबर की रात्रि से पुन: पानी बढ़ने लगा है। अगर ऐसी स्थिति रही, तो एक-दो दिनों में घरों में पानी प्रवेश कर जाएगा। इस पंचायत की वार्ड एक, चार, आठ, नौ और 11 बाढ़ से आंशिक रूप से प्रभावित हैं। यहां के वार्ड नंबर-10 निवासी मु. चुन्ना के अनुसार- बाढ़ के कारण मजदूरी नहीं मिल रही हैं। अगर लंबे समय तक यह स्थिति रही, तो घर चलाना मुश्किल हो जाएगा।
इधर सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी रिया राज सिंह ने कहा कि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है, क्योंकि घरों में पानी नहीं है। ऐसी स्थिति होने पर प्राविधान के तहत राहत कार्य चलाए जाएंगे।
