विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

महाराष्ट्र में कार्यरत खगड़िया के ट्रक चालक की पटना एम्स में मौत; बोली पत्नी- मालिक ने पीट-पीटकर अधमरा कर द‍िया था

Published: Thu, 20 Aug 2026 05:19 PM (GMT+05:30)

खगड़िया के भरसो गांव के ट्रक चालक मुकेश चौधरी की पटना एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। पत्नी ...और पढ़ें

परबत्ता के भरसो गांव निवासी मुकेश चौधरी की पटना में इलाज के दौरान मौत; पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव

परबत्ता के भरसो गांव निवासी मुकेश चौधरी की पटना में इलाज के दौरान मौत; पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव

HighLights

  1. खगड़िया के ट्रक चालक मुकेश चौधरी की पटना एम्स में मौत।

  2. पत्नी सुलोचना देवी ने ट्रांसपोर्ट मालिक पर हत्या का आरोप लगाया।

  3. मालिक ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए दुर्घटना का दावा किया।

पंचायत सूत्र, कुल्हड़िया (खगड़िया)। परबत्ता प्रखंड अंतर्गत कुल्हड़िया पंचायत के भरसो गांव (वार्ड संख्या-8) निवासी 52 वर्षीय ट्रक चालक मुकेश चौधरी की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। मुकेश चौधरी महाराष्ट्र स्थित वंदना ट्रांसपोर्ट में चालक के पद पर कार्यरत थे। पटना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद गुरुवार को शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद गांव में मातम पसर गया।

ग्रामीणों व मिली जानकारी के अनुसार, बीते 11 अगस्त को महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में कथित तौर पर हुए एक हादसे में मुकेश चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहां स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद 16 अगस्त को वंदना ट्रांसपोर्ट के मालिक कुबेर वर्मा ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान 18 अगस्त को उन्होंने दम तोड़ दिया। जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश यादव ने इस घटना की पुष्टि की है।

पत्नी ने लगाया हत्या का आरोप, न्याय की गुहार

इधर, मृतक की पत्नी सुलोचना देवी ने ट्रांसपोर्ट मालिक पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से ट्रक मालिक द्वारा पारिश्रमिक का सही ढंग से भुगतान नहीं किया जा रहा था। प्रति ट्रिप केवल ₹1,000 दिए जाते थे। मुकेश चौधरी जब अपने बकाए पैसों की लगातार मांग कर रहे थे, तो इससे आक्रोशित होकर मालिक कुबेर वर्मा ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और अधमरा कर पटना में भर्ती करा दिया, जहां उनकी मौत हो गई। रोती-बिलखती पत्नी ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

मुकेश अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और चार पुत्रियों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। ग्रामीण प्रवेश चौधरी, पवन चौधरी व सदानंद चौधरी ने मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

ट्रांसपोर्ट मालिक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

दूसरी ओर, वंदना ट्रांसपोर्ट के मालिक कुबेर वर्मा ने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि मुकेश चौधरी नशे की हालत में ट्रक की छत पर सोए हुए थे। अचानक बारिश शुरू होने पर जब वे नीचे उतरने लगे, तो पैर फिसलने से गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद उन्हें स्वयं पटना एम्स में भर्ती कराया था।

वहीं, इस मामले में परबत्ता थानाध्यक्ष से संपर्क करने पर उन्होंने बैठक में व्यस्त होने की बात कहकर बाद में विस्तृत जानकारी देने को कहा।