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नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद खगड़िया में तेज हुई नदियों की चाल, गंगा और बूढ़ी गंडक की आंखें हुई लाल

Published: Thu, 27 Aug 2026 04:43 PM (IST)

नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण खगड़िया जिले में गंगा और बूढ़ी गंडक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद खगड़िया में तेज हुई नदियों की चाल

नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद खगड़िया में तेज हुई नदियों की चाल

HighLights

  1. नेपाल बाढ़ के कारण खगड़िया में नदियां उफान पर।

  2. गंगा खतरे के निशान से 1.07 मीटर ऊपर बह रही।

  3. प्रशासन अलर्ट पर, बांधों की लगातार निगरानी जारी।

जागरण संवाददाता, खगड़िया। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण खगड़िया जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। गंडक नदी पर बने वाल्मीकि नगर बराज का डिस्चार्ज लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक रहने के कारण बाढ़ नियंत्रण विभाग ने राहत की सांस ली है। हालांकि, विभागीय स्तर पर सदत चौकसी जारी है।

बुधवार को रात भर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-एक, खगड़िया के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार सहनी समेत सभी सहायक अभियंता, कनीय अभियंता बांध-तटबंधों पर कैंप करते रहे। अभी कैंप जारी रहेगा। गंगा और बूढ़ी गंडक पर बने बांध-तटबंधों के संवेदनशील स्थलों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

गंगा में चार और बूढ़ी गंडक के तीन संवेदनशील स्थलों पर जेनरेटर की व्यवस्था है। गंगा के बांध-तटबंधों पर 57 बांध श्रमिक नियुक्त हैं, जबकि बूढ़ी गंडक के बांध-तटबंधों पर 25 बांध श्रमिक कार्यरत हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति में विभाग को त्वरित सूचना प्रदान की जा सके और समय रहते एक्शन लिया जा सके।

इधर, गंगा और बूढ़ी गंडक पूरी रफ्तार में है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल- एक, खगड़िया की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार की सुबह छह बजे खगड़िया के खारा धार जलद्वार के पास गंगा स्थिर थी और बूढ़ी गंडक एनएच-31 ब्रिज, अघोरी स्थान के पास घट रही थी, लेकिन गुरुवार को दोनों नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है।

दोनों नदी की प्रवृत्ति बढ़ने की बताई गई है। गंगा खतरे के निशान से एक मीटर सात सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जबकि बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर है।

बुधवार की सुबह छह बजे खारा धार जलद्वार के पास गंगा का जलस्तर 35.05 मीटर था। गुरुवार की सुबह यहां गंगा का जलस्तर 35.14 मीटर दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे (बुधवार की सुबह छह बजे से गुरुवार की सुबह छह बजे तक) के दौरान गंगा के जलस्तर में नौ सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।

वहीं, बूढ़ी गंडक का जलस्तर खगड़िया के एनएच-31 ब्रिज, अघोरी स्थान के पास बुधवार की सुबह छह बजे 37.02 मीटर था। गुरुवार की सुबह छह बजे यहां बूढ़ी गंडक का जलस्तर 37.07 मीटर दर्ज किया गया।

बूढ़ी गंडक के जलस्तर में बीते 24 घंटे (बुधवार की सुबह छह बजे से गुरुवार की सुबह छह बजे तक) के दौरान पांच सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है।

इधर, बांध-तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। विभाग ने सभी बांध-तटबंधों और आधारभूत संरचनाओं को सुरक्षित बताया है।

घबराने की कोई बात नहीं है। विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। वाल्मीकि नगर बराज का डिस्चार्ज लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक के आसपास है। गंगा की जलग्रहण क्षमता बहुत ज्यादा है। - नवल किशोर भारती, मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, जल संसाधन विभाग, समस्तीपुर

प्राकृतिक रूप से समृद्ध नेपाल आज परेशान है। सैलाब ने वहां व्यापक तबाही मचाई है। बिहार के लोगों को भी सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। नारायणी (गंडक) नदी क्षेत्र में अधिक सजगता बरतने की आवश्यकता है। लेकिन गंगा और बूढ़ी गंडक नदी क्षेत्र के लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है। खतरा कम हुआ है, पर पूरी तरह से टला नहीं है। समाज और सरकार दोनों को सजग रहने की आवश्यकता है। अफवाह पर ध्यान नहीं दें। - भगवान जी पाठक, नदी विशेषज्ञ

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