चंदन चौहान, खगड़िया। 2011 में जिले के बैडमिटन खिलाड़ियों को इंडौर स्टेडियम का सौगात मिला। तत्कालीन मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त ललन सिंह ने इसका उदघाटन किया था। जिसके बाद यहां एक से बढ़कर एक खिलाड़ियों ने बैडमिटन में परचम लहराया। अभी भी बैडमिटन की नई पौध नाम रोशन कर रहा है। स्टेडियम में अबतक बैडमिटन के पांच स्टेट चैंपियनशिप का आयोजन हो चुका है।

लेकिन इंडोर स्टेडियम की स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। छह महीने पहले नगर परिषद की ओर से 16 स्ट्रीट लाइट लगाए गए थे। स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी दीवार पर लगे आठ- आठ लाइटों में मात्र दो लाइट ही काम कर रहे हैं। जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ये लाइट ईईएसएल कंपनी की ओर से लगाए गए थे। जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अंधेरे में खिलाड़ी अभ्यास करने को विवश हैं। टूट रही है उडेन कोट की तख्तियां

इतना ही नहीं यहां 32 लाख की लागत से बनाए गए तीन उडेन कोट की तख्तियों को बैडमिटन संघ ने अपनी खर्च से ठीक कराया। जो मरम्मत के बाद दोबारा टूटने लगी है। अचानक उडेन कोट की तख्तियां टूटने से कभी भी खिलाड़ियों के साथ दुर्घटना घट सकती है। बिजली कटने के बाद खिलाड़ी बैठे रहते हैं। इनवर्टर की बैट्री कई महीनों से खराब है। इसे ठीक नहीं कराया गया है। पार्किंग स्टैंड बना इंडौर स्टेडियम

हद तो यह है कि इंडौर स्टेडियम पार्किंग स्टैंड बनता जा रहा है। इस ओर भी किन्हीं का ध्यान नहीं है। आसपास के कई लोग अपनी गाड़ी को स्टेडियम के अंदर ही खड़ी करते हैं। इसे पार्किंग स्टैंड बना दिया है। इधर कई बैडमिटन खिलाड़ियों ने बताया कि खेल न तो प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों के एजेंडे में शामिल है। यहां के खिलाड़ी अपने दम पर आगे बढ़ रहे हैं। अगर उन्हें अपेक्षित सहयोग मिले, तो वे बहुत आगे जा सकते हैं। बैडमिटन ही क्यों कबड्डी से लेकर हाकी तक में खिलाड़ियों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। कोट

ईईएसएल कंपनी की ओर से इंडौर स्टेडियम में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थी। जिसके खराब होने की जानकारी नहीं हैं। जल्द ही स्टेडियम का मुआयना कर इसे ठीक कराया जाएगा। नगर परिषद से जो कुछ भी संभव है, स्टेडियम के विकास को लेकर किया जाएगा।

राजीव कुमार, सिटी मैनेजर, नगर परिषद खगड़िया।

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