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खगड़िया में एक परिवार के 8 लोग सकुशल बरामद! दो महिलाएं गिरफ्तार, दिल्ली से मालपा तक बिछा था पुलिस का सख्त पहरा

Published: Sun, 20 Sep 2026 09:20 PM (IST)

Khagaria Maheshkhunt Kidnapping Case: खगड़िया के महेशखूंट में एक ही परिवार के आठ लापता सदस्यों को पुलिस ने सकुशल बरामद ...और पढ़ें

Khagaria Maheshkhunt Kidnapping Case: खगड़िया के टेम्हा बन्नी से गायब एक ही परिवार के 8 सदस्य सकुशल बरामद; दो आरोपित महिलाएं गिरफ्तार, मानव तस्करी की जांच में जुटी पुलिस। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

Khagaria Maheshkhunt Kidnapping Case: खगड़िया के टेम्हा बन्नी से गायब एक ही परिवार के 8 सदस्य सकुशल बरामद; दो आरोपित महिलाएं गिरफ्तार, मानव तस्करी की जांच में जुटी पुलिस। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

HighLights

  1. एक ही परिवार के आठ सदस्य सकुशल बरामद हुए।

  2. मानव तस्करी की साजिश में दो महिलाएं गिरफ्तार।

  3. पुलिस ने दिल्ली से मालपा तक पीछा कर पकड़ा।

संवाद सूत्र, महेशखूंट (खगड़िया)। Khagaria Maheshkhunt Kidnapping Case: जिले के महेशखूंट थाना क्षेत्र अंतर्गत टेम्हा-बन्नी गांव से एक ही संयुक्त परिवार के आठ सदस्यों के रहस्यमय ढंग से लापता होने के हाई-प्रोफाइल मामले का पुलिस ने सफल पटाक्षेप कर दिया है। महेशखूंट थाना पुलिस ने त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए रविवार की संध्या पड़ोसी चौथम थाना क्षेत्र के मालपा गांव से सभी आठ अपहृत सदस्यों को सकुशल बरामद कर लिया।

इसके साथ ही अपहरण और षड्यंत्र रचने की नामजद आरोपित दोनों महिलाओं को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस संवेदनशील कांड के अनुसंधानकर्ता (आईओ) सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) चितरंजन कुमार सिंह ने बताया कि घटना के बाद से ही आरोपित महिलाओं के मोबाइल बंद आ रहे थे।

पुलिस टीम लगातार टेक्निकल सर्विलांस और वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए उनका पीछा कर रही थी। इस दौरान आरोपितों की मोबाइल लोकेशन लगातार देश की राजधानी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में मिल रही थी, जिसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम पूरी सतर्कता से नजर बनाए हुए थी।

मालपा गांव में छापेमारी कर सभी को कराया गया मुक्त

रविवार की शाम पुलिस को पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि दिल्ली से लौटने के बाद सभी लोग चौथम थाना क्षेत्र के मालपा गांव निवासी गोरख शर्मा के भाई प्रहलाद शर्मा के घर में गोपनीय रूप से छिपे हुए हैं। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए चिन्हित मकान पर सघन छापेमारी की। पुलिस ने कमरे में मौजूद सभी आठ सदस्यों को सुरक्षित बरामद कर लिया और घेराबंदी कर दोनों आरोपित महिलाओं को हिरासत में ले लिया। सभी को तत्काल महेशखूंट थाने लाकर आवश्यक चिकित्सीय जांच और पूछताछ की जा रही है।

13 सितंबर को अचानक गायब हुए थे मासूम और युवतियां

उल्लेखनीय है कि यह सनसनीखेज मामला 13 सितंबर का है। टेम्हा-बन्नी निवासी रुणा देवी (पति रूदल शर्मा) ने थाने में लिखित आवेदन देकर गुहार लगाई थी कि 13 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे उनके संयुक्त परिवार के आठ सदस्य अचानक घर से लापता हो गए हैं।

गायब होने वालों में राजू शर्मा की पुत्रियां पायल कुमारी, काजल कुमारी, एक ढाई माह का नवजात शिशु, रुदल शर्मा की पुत्री रेशम कुमारी, बिजल शर्मा की पुत्री मौसम कुमारी और विकास शर्मा के पुत्र पिंकेश कुमार, प्रिंस कुमार व पुत्री वर्षा कुमारी शामिल थीं। एक साथ परिवार के आठ सदस्यों के लापता होने से पूरे गांव में सनसनी फैल गई थी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

बहू और उसकी सहयोगी पर मानव तस्करी की साजिश का आरोप

पीड़िता रुणा देवी ने आवेदन में अपने पोते विकास शर्मा की पत्नी सुलेखा देवी और उसकी सहयोगी सोनी कुमारी (पिता गौतम शर्मा) पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि दोनों महिलाओं ने सुनियोजित साजिश के तहत परिवार के मासूम बच्चों और किशोरियों को बहला-फुसलाकर अगवा किया है और उनकी मंशा मानव तस्करी के लिए उन्हें बाहर बेचने की थी। पीड़िता की शिकायत पर महेशखूंट थाने में कांड संख्या 170/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 137(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक आरोपित सुलेखा देवी का पति प्रदेश में रहकर मजदूरी करता है, जबकि सुलेखा अक्सर रिश्तेदारों से मिलने का बहाना बनाकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश की यात्राएं करती रहती थी। पुलिस अब इस बिंदु पर गहन जांच कर रही है कि क्या इन दोनों महिलाओं के तार दिल्ली या अन्य राज्यों में सक्रिय किसी संगठित मानव तस्करी गिरोह से जुड़े हुए हैं।

थानाध्यक्ष का पक्ष:

 

"टेम्हा-बन्नी से लापता हुए परिवार के सभी आठ सदस्यों को चौथम के मालपा गांव से सकुशल बरामद कर लिया गया है। दोनों नामजद आरोपित महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की तहकीकात जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस घटना के पीछे कोई संगठित मानव तस्करी सिंडिकेट तो काम नहीं कर रहा था।"

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— उमेश कुमार, प्रभारी थानाध्यक्ष, महेशखूंट