खगड़िया में 2 करोड़ की लागत से बनेगा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, कम होगा प्रदूषण
खगड़िया जिले को स्वच्छ बनाने के लिए रहीमपुर पंचायत में 2.17 करोड़ रुपये की लागत से फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा।

खगड़िया में 2 करोड़ की लागत से बनेगा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (AI Generated Image)
HighLights
खगड़िया में 2.17 करोड़ का फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा।
प्लांट से सेप्टिक टैंक के मल का सुरक्षित उपचार होगा।
यह प्लांट जैविक खाद बनाएगा और प्रदूषण कम करेगा।
जागरण संवाददाता, खगड़िया। जिला खुले में शौच मुक्त जिला घोषित है। जिले को पूर्ण रूप से स्वच्छ व निर्मल बनाने को लेकर अब फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जाएगा, ताकि सेप्टिक टैंक से डीस्लजिंग वाहनों द्वारा निकाले गए मल को सुरक्षित रूप से उपचारित किया जा सके।
इससे खुले में मल के विसर्जन को रोका जा सकेगा। वहीं, पर्यावरण और भूजल को दूषित होने से बचाया जा सकेगा। जिससे मानव स्वास्थ्य की रक्षा होगी।
जिले के रहीमपुर पंचायत में बुडको द्वारा दो करोड़ 17 लाख 27 हजार 345 रुपये की लागत से फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जाएगा, जो प्रतिदिन 12 किलो लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला होगा।
इस प्लांट के जरिये शौचालय टैंक के गाद से जैविक खाद बनाई जाएगी। अभी तक सेप्टिक टैंक के गाद को टैंकों में भरकर खुले में सड़क के किनारे गिरा दिया जाता है, जिससे जहां बड़े पैमाने पर पर्यावरण प्रदूषित होता है और भयंकर बीमारियां फैलती हैं।
ट्रीटमेंट प्लांट से यहां आने वाली गंदगी को निस्तारित कर खाद बनाया जाएगा व गंदे पानी को साफ कर दूसरे प्रयोगों में लाया जा सकेगा।
खगड़िया में लोग टैंक से निकली गंदगी को एनएच किनारे बांध के अंदर व अन्य जगहाें व गड्डों में गिरा देते हैं, जो प्रदूषण का कारण बनता है। मगर इस प्लांट के बनने से जिले में यह प्रदूषण कम होगा।
हर घर में शौचालय है। जिसका उपयोग हो रहा है। अमुमन लोग सेप्टिक टैंक भर जाने के बाद डीस्लजिंग वाहन के माध्यम से टैंक खाली करते हैं जिसे यत्र तत्र खुले में गिरा दिया जाता है। जो बदबू और विभिन्न बिमारियों का कारण बनने के साथ पर्यावरण और भूगर्भ जल को दुषित करते हैं। फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट बनने से टैंक से निकले मल का सुरक्षित रूप से उपचार होगा। - सिंधू कमल, नप कार्यपालक अधिकारी खगड़िया
