खगड़िया: कोसी की लाइफलाइन पर संकट! BP मंडल सेतु के जर्जर हिस्से में निकलीं सरिया, गड्ढों से हादसे का खतरा; कब होगी मरम्मत
खगड़िया में कोसी-बागमती नदी पर स्थित बीपी मंडल सेतु का पुराना हिस्सा जर्जर हो गया है, जिसमें गहरे गड्ढे और ...और पढ़ें

बीपी मंडल सेतु की उधड़ी फिनिशिंग लेयर और सड़क पर बने जानलेवा गड्ढे।
HighLights
बीपी मंडल सेतु का पुराना हिस्सा जर्जर, गहरे गड्ढे और सरिया।
नए केबल स्टे ब्रिज पर भी तीन जगहों पर गड्ढे मौजूद।
पुराने हिस्से की मरम्मत 2-3 दिनों में होगी, नवंबर में नया।
संवाद सूत्र, बेलदौर (खगड़िया)। कोसी प्रमंडल और उत्तर बिहार को जोड़ने वाली लाइफलाइन एनएच-107 पर कोसी-बागमती नदी के संगम (उसराहा घाट) पर निर्मित बीपी मंडल सेतु की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
सेतु के पुराने भाग की बेरिंगकोड (फिनिशिंग लेयर यानी ऊपरी परत) पूरी तरह जर्जर होकर जगह-जगह टूट चुकी है, जिससे पुल पर बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इस जर्जरता का खामियाजा प्रतिदिन सफर करने वाले हजारों राहगीरों और वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।
अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि यदि इस फिनिशिंग लेयर की तुरंत मरम्मत नहीं कराई गई, तो बारिश और भारी वाहनों के दबाव से भविष्य में सेतु के मुख्य कंक्रीट ढांचे (मेन स्ट्रक्चर) को भी स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।
1990 में निर्मित 673 मीटर लंबा पुल: केबल स्टे ब्रिज और पुराने हिस्से दोनों में बने गड्ढे
उल्लेखनीय है कि 673 मीटर लंबे बीपी मंडल सेतु का निर्माण उत्तर प्रदेश पुल निगम द्वारा कराया गया था, जिसका उद्घाटन 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था। 2010 में पुल के नौ पाए क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद आवागमन ठप हो गया था।
इसके बाद 2015 में एसपी सिंगला कंपनी द्वारा जीर्णोद्धार शुरू किया गया और 290 मीटर लंबे हिस्से में एक्स्ट्रा डोज केबल स्टे ब्रिज बनाकर 2018 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पुनरुद्घाटन किया गया।
हालांकि, अब इस नए केबल स्टे ब्रिज पर भी तीन जगहों पर गड्ढे उभर आए हैं, जिससे चालकों के लिए संतुलन बनाना कठिन हो जाता है।
एंबुलेंस मरीजों और बाइक सवारों की बढ़ी आफत; अधिकारियों ने मरम्मत की समय-सीमा तय की
पुल पर बने गहरे गड्ढों के कारण एंबुलेंस में रेफर मरीजों को ले जाने में झटके लगते हैं, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ जाती है। वहीं, दोपहिया चालकों के अनियंत्रित होकर गिरने और लोहे की छड़ें बाहर निकलने से वाहनों के टायर पंक्चर होने की आशंका बनी रहती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआई बेगूसराय के आरई शिव कुमार ने बताया कि डीएम की बैठक के निर्देशानुसार संवेदक जीडीसीएल द्वारा 2 से 3 दिनों के भीतर पुराने भाग की मरम्मत शुरू कर दी जाएगी।
वहीं एसपी सिंगला कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके रंजन ने स्पष्ट किया कि 2029 तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी उनकी है और केबल स्टे ब्रिज की मरम्मत मानसून बीतने के बाद नवंबर में कराई जाएगी।
"केबल स्टे ब्रिज के नए भाग की मरम्मत बरसात के बाद नवंबर में कराई जाएगी। 2029 तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी एसपी सिंगला कंपनी की है। बीपी मंडल सेतु के पुराने भाग की मरम्मत का जिम्मा एनएचएआई के पास है।"
— केके रंजन, प्रोजेक्ट मैनेजर (एसपी सिंगला)
