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मशहूर डॉक्टर का विज्ञापन, किडनी ट्रांसप्लांट, गुरुग्राम से खगड़िया पहुंचे तार; BJP नेता के घर पहुंची हरियाणा पुलिस

Published: Wed, 02 Sep 2026 08:56 AM (IST)

Khagaria Kidney Fraud: देश के नामचीन अस्पतालों के नाम पर किडनी ट्रांसप्लांट के बहाने लाखों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ...और पढ़ें

Khagaria Kidney Fraud: फोर्टिस अस्पताल के नाम पर किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर लाखों की ठगी, पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष सुमन चौरसिया को हरियाणा पुलिस का सम्मन

Khagaria Kidney Fraud: फोर्टिस अस्पताल के नाम पर किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर लाखों की ठगी, पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष सुमन चौरसिया को हरियाणा पुलिस का सम्मन

HighLights

  1. खगड़िया के पूर्व भाजयुमो नेता किडनी ठगी में संदिग्ध।

  2. गुरुग्राम पुलिस ने सुमन कुमार को समन जारी किया।

  3. फोर्टिस अस्पताल के नाम पर लाखों की ठगी का मामला।

जागरण संवाददाता, खगड़िया। देश के नामचीन अस्पताल और वरिष्ठ चिकित्सकों के नाम पर फर्जी विज्ञापन निकालकर किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर गंभीर मरीजों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले के तार बिहार के खगड़िया जिले से जुड़ने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

हरियाणा के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन (वेस्ट), गुरुग्राम ने इस मामले में खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र अंतर्गत धुतौली-मालपा गांव निवासी और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व जिलाध्यक्ष सुमन कुमार उर्फ सुमन चौरसिया को मुख्य संदिग्ध मानते हुए सम्मन जारी किया है।

इस गिरोह की तह तक पहुंचने के लिए साइबर पुलिस स्टेशन वेस्ट सेक्टर-22, पालम विहार (गुरुग्राम) ने खगड़िया पुलिस अधीक्षक (SP) को आधिकारिक पत्र लिखकर सुमन कुमार के भौतिक पते, निवास स्थिति और अस्तित्व के सत्यापन का आग्रह किया है। तीन दिन पूर्व हरियाणा पुलिस की एक विशेष टीम भी चौथम थाना क्षेत्र के संबंधित गांव पहुंची थी और मामले की छानबीन की थी।

फोर्टिस अस्पताल और डॉ. अनिल मेघानी के नाम पर ठगी

यह पूरा मामला गुरुग्राम स्थित प्रतिष्ठित फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (FMRI) की शिकायत के बाद प्रकाश में आया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से अज्ञात जालसाजों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस संख्या 163/26 दर्ज कराया गया था।

  • गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट और नामचीन डॉक्टर के नाम पर किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़

  • मरीजों से UPI और कैश के जरिए लाखों रुपये ऐंठने के मामले में खगड़िया के पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष सुमन चौरसिया बने मुख्य संदिग्ध

  • हरियाणा की साइबर वेस्ट थाना पुलिस ने आरोपी को जारी किया सम्मन; खगड़िया एसपी को पत्र लिखकर मांगा भौतिक सत्यापन

  • खगड़िया के चौथम स्थित गांव पहुंची हरियाणा पुलिस की टीम; भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- पद से पहले ही हटाए जा चुके हैं सुमन

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, ठगों ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर 'किडनी ट्रांसप्लांट' नाम से ग्रुप बनाकर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल मेघानी के नाम का फर्जी विज्ञापन तैयार किया। जब गंभीर रूप से पीड़ित मरीज कौसर परवीन और उनके परिजनों ने संपर्क किया, तो जालसाजों ने मरीज से अर्चना नामक महिला के खाते में यूपीआई के जरिए 40 हजार और 12 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए। इसके बाद प्रक्रिया के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये नकद भी ऐंठ लिए गए। ठगी का अहसास होने पर परिजनों ने सीधे अस्पताल से संपर्क किया, जिसके बाद अस्पताल ने पुलिस में मामला दर्ज कराया।

खगड़िया एसपी से मांगी गई सत्यापन रिपोर्ट

गुरुग्राम साइबर थाने के पुलिस अधिकारियों ने खगड़िया एसपी को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि साइबर तकनीकी अनुसंधान में चौथम के धुतौली-मालपा निवासी देवाशीष प्रसाद के पुत्र सुमन कुमार की संलिप्तता के ठोस सुराग मिले हैं। जांच को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित थानेदार से सुमन कुमार के घर, आपराधिक इतिहास और वर्तमान स्थिति की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा सके।

फोन बंद कर फरार हुआ आरोपी, भाजपा ने झाड़ा पल्ला

मामले में नाम सामने आने के बाद जब सुमन कुमार से उनके दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो दोनों फोन लगातार स्विच ऑफ मिले। उधर, राजनीतिक हलकों में मामला गरमाने के बाद भाजपा के खगड़िया जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न भगत ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि सुमन कुमार को पहले ही भाजयुमो जिलाध्यक्ष पद से मुक्त किया जा चुका है और वर्तमान में यह जिम्मेदारी किसी अन्य कार्यकर्ता को दी गई है।

 

"जांच के दौरान खगड़िया के सुमन कुमार को मुख्य संदिग्ध के तौर पर चिह्नित कर सम्मन जारी किया गया है। खगड़िया एसपी को पत्र लिखकर उसके पते और गतिविधियों के सत्यापन का आग्रह किया गया है। यह ठगी का एक बड़ा संगठित गिरोह है।"

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— अरुण कुमार, पीएसआई, साइबर थाना वेस्ट, सेक्टर-22 गुरुग्राम (हरियाणा)

"मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हरियाणा पुलिस द्वारा सत्यापन को लेकर पत्र किस शाखा में प्राप्त हुआ है। नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी।"
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— प्रवीण कुमार मिश्रा, मुख्यालय डीएसपी, खगड़िया