खगड़िया, जागरण संवाददाता। बागमती के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। शुक्रवार को जारी विभागीय रिपोर्ट के अनुसार खगड़िया के संतोष स्लूस गेट के पास बागमती नदी का जलस्तर 35.84 मीटर था। खतरे के निशान से वह 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बागमती की प्रवृति घटने की है। बीते 24 घंटे के दौरान गुरुवार की सुबह छह बजे से शुक्रवार की सुबह छह बजे तक बागमती के जलस्तर में 39 सेंटीमीटर की कमी आई है। जलस्तर में कमी आने के साथ बागमती उग्र रूप से अग्रहण गांव में कटाव कर रही है।

यह गांव नदी के किनारे बसा हुआ है। बीते वर्ष यहां लगभग तीन दर्जन घर नदी में विलीन हो गए थे। इस वर्ष यहां फ्लड फाइटिंग कार्य भी कराया गया है, लेकिन गुरुवार की रात से यहां बागमती तेजी से कटाव करने लगी है। स्थानीय वार्ड पार्षद द्रोपदी देवी ने बताया कि, लालकुन चौधरी, राहुल चौधरी और बिलंदर चौधरी के टाट-फूस का आधा घर कट चुका है।

बागमती नदी के किनारे शुरू हुआ कटाव

जानकारी के अनुसार मध्य विद्यालय अग्रहण से कुछ ही दूरी पर बागमती बह रही है और तेजी से कटाव कर रही है। इसकी सूचना ग्रामीण सह एनएसयूआइ के जिलाध्यक्ष नितिन पटेल ने डीएम आलोक रंजन घोष और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को दी है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले गांव से पश्चिम बागमती नदी कटाव कर रही थी। गुरुवार की रात से एकाएक मध्य विद्यालय अग्रहन के समीप भीषण कटाव शुरू हो गया है।

क्या कहते हैं अधिकारी

ग्रामीणों में दहशत है। आधा दर्जन परिवारों के घर कटाव की जद में है। बागमती की रुख को देखते हुए लोग अपने आशियाना को हटाने को विवश हो रहे हैं। कोट कटाव की जानकारी मिली है। रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं। सहायक अभियंता को स्थल पर भेजा गया है। उड़नदस्ता दल के साथ खुद भी कटाव स्थल का जायजा लेने जा रहे हैं। -गणेश प्रसाद सिंह, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल संख्या- दो, खगड़िया 

तेजी से जलस्तर में कमी आने के कारण अग्रहण में कटाव रोकने को लेकर बनाए गए एनसी वेडवार धंस गया है। यहां फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू कर दिया गया है। घबराने की बात नहीं है। यहां पूर्व से चार हजार बालू भरे बोरे का स्टाक है। जल्द कटाव पर नियंत्रण पा लिया जाएगा। -मणिकांत पटेल, जेई, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल संख्या दो, खगड़िया

Edited By: Umesh Kumar