खगड़िया। गोगरी व बौरना पंचायत को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया जर्जर ¨रग बांध आखिर टूट ही गया। बौरना गांव के पास बांध टूटने से नवटोलिया को छोड़ अब संपूर्ण बौरना पंचायत बाढ़ की चपेट में आ गया है। गोगरी पंचायत की भी कई गांव-टोले बाढ़ की चपेट में आने वाले हैं। बताते चलें कि बौरना, गोगरी आदि पंचायत को बाढ़ से बचाने को लेकर आजादी के बाद ¨रग बांध का निर्माण किया गया था। जो जर्जरता की सीमा को पार कर चुका था। चार सितम्बर को इस संबंध में 'दैनिक जागरण' ने खबर छापकर ध्यान भी आकृष्ट कराया था। बांध टूटने की आशंका जताई गई थी। परंतु, अधिकारी लापरवाह ही बने रहे। और मंगलवार की सुबह दस बजे बौरना के पास बांध टूट गई। वैसे इस बांध की मरम्मत स्थानीय मुखिया की अगुवाई में आपसी सहयोग से किया गया था। जो गंगा की तेज धार के आगे टिक नहीं सका। वर्ष 2016 में भी ¨रग बांध जर्जर होने के कारण बाढ़ ने गोगरी व बौरना में तबाही मचाई थी। ग्रामीणों के अनुसार उक्त बांध आजादी के बाद बनी। इसके बावजूद विभाग उक्त बांध को अपने अधीन नहीं मानती है। बांध की मरम्मत से इंकार करती है। वर्ष 2013 की बाढ़ बाद तात्कालीन आपदा मंत्री के निर्देश पर मनरेगा से थोड़ा- बहुत जीर्णोद्धार कार्य कराया गया, जो नाकाफी रहा। वर्ष 2016 की बाढ़ बाद अंचल स्तर पर इस बांध की मजबूती की आवश्यकता बताते हुए रिपोर्ट भी भेजी गई। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया। यह बांध गोगरी जीएन तटबंध से लेकर बन्नी-पतला घाट तक ¨रग आकार में बना है। जिसके कारण ¨रग बांध कहा जाता है। बौरना मुखिया याशमीन व गोगरी मुखिया शांति देवी के अनुसार ¨रग बांध की जब तक पूर्ण मरम्मत नहीं होगी, तब तक दोनों पंचायत को बाढ़ से मुक्ति नहीं मिलेगी। इधर, बांध टूटने की सूचना बाद गोगरी एसडीओ सुभाषचंद्र मंडल और सीओ कुमार र¨वद्रनाथ ने टूटे ¨रग बांध का जायजा लिया। अधिकारियों ने बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

Posted By: Jagran