लखीसराय [जेएनएन]। गुरुवार की अल सुबह बिहार के लखीसराय जिले के अभयपुर रेलवे स्टेशन पर नई दिल्ली-मालदा न्यू फरक्का एक्सप्रेस साप्ताहिक ट्रेन की चपेट में आने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। वे खगड़िया जिला के रहने वाले थे। यह सब हुआ सोने की एक चेन की वजह से।

बताया जा रहा है कि किऊल-जमालपुर रेलखंड के अभयपुर स्टेशन पर उच्चकों ने मृतक के परिजन के गले का चेन खींच लिया। इस वजह से वे उच्चके को पकड़ने के लिए ट्रेन से उतरे और उनका पीछा करने लगे। इसी दौरान उच्चके ने बेटे को धक्का दे दिया। जिससे वह ट्रेन की चपेट में आ गया। बेटे को बचाने के प्रयास में पिता भी ट्रेन की चपेट में आ गया और दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।

मृतक पिता-पुत्र अपने परिवार के कई सदस्यों के साथ तीर्थ यात्रा कर लौट रहे थे। घटना के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोकी। मृतक के साथ रहे पत्नी और बेटी कुछ भी बता नहीं पा रही है। बेटे और पति की मौत के कारण सिर्फ रो रही है। मृतक का नाम केशव कुमार एवं उसके पिता कपिलदेव मंडल हैं। केशव भारतीय सेना में नौकरी करता था और उसके पिता कपिलदेव मंडल सेवानिवृत्त शिक्षक थे।

पिता-पुत्र के शव को उठाने आई जीआरपी जमालपुर (मुंगेर) एवं पीरीबाजार थाना (लखीसराय) पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने बेनीपुर रेल गुमटी पर रेलवे ट्रैक पर स्लीपर रखकर जाम कर दिया है। जाम के कारण सियालदह मुगलसराय एक्सप्रेस ट्रेन सहित कई ट्रेनें जहां तहां रुकी रही। लोगों का कहना है कि ट्रेन के चालक ने भी लापरवाही की है। वहीं रेल पुलिस की लापरवाही है। ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा नहीं है।

करीब नौ घंटे बाद परिचालन शुरू
जमालपुर के रेल डीएसपी सेमेन्द्र कुमार अनुभवी के मुआवजे के अश्वाशन के बाद शव को रेलवे ट्रैक से करीब नौ घंटे बाद ग्रामीणों ने उठाने दिया। नौ घंटे बाद किऊल-जमालपुर रेलखंड पर परिचालन शुरू हुआ। तब तक मृतक के अन्य परिजन भी पहुंच चुके थे।

Posted By: Ravi Ranjan