फर्जी IAS मनीष गुप्ता की करवट बदलते कटी खगड़िया जेल में पहली रात; न कोई मिलने आया, न काम आया पुराना भौकाल
खगड़िया में फर्जी आईएएस मनीष गुप्ता की जेल में पहली रात बेचैनी से कटी, जहां उससे कोई मिलने नहीं आया। ...और पढ़ें

गोगरी-जमालपुर के आलीशान मकान से गिरफ्तार फर्जी अधिकारी की खुली पोल; 5-स्टार लाइफ की चाहत में खा रहा जेल की रोटी
HighLights
खगड़िया जेल में फर्जी IAS मनीष गुप्ता की पहली रात बेचैन।
गृह विभाग का अफसर बताकर बिहार से दिल्ली तक ठगी।
पुलिस अब विदेश में बैठे भाई की संपत्ति की जांच करेगी।
जागरण संवाददाता, खगड़िया। झूठी अमीरी, लग्जरी शान-शौकत और फाइव स्टार जिंदगी जीने के शौक ने खगड़िया जिले के गोगरी-जमालपुर निवासी फर्जी आईएएस (IAS) मनीष कुमार गुप्ता को आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। फर्जी अधिकारी का रौब दिखाकर लोगों में दहशत फैलाने वाले मनीष की जेल में पहली रात बेहद कष्टदायक बीती।
खगड़िया मंडल कारा सूत्रों के अनुसार, वह जेल के बंदी वार्ड में रात भर अपने बिस्तर पर सो नहीं सका और करवटें बदलता रहा। झूठे महल पर खड़े किए गए उसके 'भौकाल' का अंत हो चुका है और जेल में उससे मिलने भी कोई नहीं पहुंचा। आखिरकार जेल की दाल-रोटी ही उसका सहारा बनी।
गृह विभाग का बड़ा अफसर बताकर जमाता था धौंस
एसपी भानू प्रताप सिंह के निर्देश पर गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर, डीआईयू और गोगरी पुलिस की संयुक्त टीम ने मनीष को उसके आलीशान घर से गिरफ्तार किया था। पड़ोसियों के अनुसार, वह खुद को गृह मंत्रालय का बड़ा अधिकारी बताता था और भारत सरकार का बोर्ड लगी लग्जरी गाड़ियों में घूमता था।
यूपीएससी में हो चुका है असफल
स्थानीय लोगों ने बताया कि उसने कभी यूपीएससी (UPSC) की तैयारी की थी, लेकिन असफल होने के बाद फर्जी आईएएस बनकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया। वह अपने पुराने पुश्तैनी मकान को तोड़कर आलीशान बंगला बना रहा था और अपने घमंड के कारण पड़ोसियों व स्थानीय लोगों से दूरी बनाकर रखता था।
बिहार से दिल्ली तक फैला था ठगी का जाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि मनीष गोगरी में ठगी नहीं करता था, बल्कि उसने बिहार के बड़े शहरों से लेकर दिल्ली और अन्य राज्यों तक ठगी का जाल बिछा रखा था। जब उसने अपने मकान का मलबा पास के एक राजनीतिक दल के कार्यालय परिसर में फेंक दिया था, तो विरोध करने पर उसने नेताओं को भी गृह विभाग के अधिकारी का रौब दिखाकर धमकाया था।
विदेश में बैठे भाई पर भी पुलिस की पैनी नजर
पूछताछ में मनीष ने दावा किया कि उसकी संपत्ति विदेश में रहने वाले उसके भाई ने दी है। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है और उसके भाई समेत परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी तकनीकी जांच की जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उसका एक भाई पटना में चाय की दुकान चलाता है। फिलहाल, फर्जी आईएएस का भंडाफोड़ होने से स्थानीय लोगों में राहत और खुशी है।
