खगड़िया। जिले के लगभग प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शौचालय हैं। परंतु, अधिकांश शौचालय रखरखाव, साफ-सफाई के अभाव में नर्क बना हुआ है। जबकि कई चापाकल प्रदूषित पानी दे रहा है। संपूर्ण जिले का पेयजल आयरन की चपेट में है। जबकि गंगा किनारे के गांव-टोले आर्सेनिक से प्रभावित।

बात अगर शौचालय की करें, तो चुनाव के समय जब इन विद्यालयों में बूथ बनाए जाते हैं अथवा पुलिस-अर्धसैनिक बल को ठहराया जाता है, उस समय साफ-सफाई की याद आती है। बात बछौता पुनर्वास विद्यालय की हो अथवा शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों की दो-चार जगहों पर छोड़कर अधिकांश में शिक्षक अपने उपयोग के लिए शौचालय में ताले लगाकर रखते हैं। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 129 पंचायत व शहरी क्षेत्रों में भूमिहीन विद्यालय को छोड़कर कुल 1058 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय हैं। विभाग का दावा है कि इनमें 1968 शौचालय मौजूद हैं। किसी में एक, तो किसी विद्यालय में दो यूनिट शौचालय है। शौचालय की नियमित साफ- सफाई की व्यवस्था नहीं है। कई विद्यालय प्रधान ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शौचालय नर्क बना हुआ है। बच्चों से वे सफाई करा नहीं सकते और खुद भी तो साफ नहीं कर सकते। विद्यालय प्रधानों का कहना है कि इसके लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। विभाग कहता है कि एसआरजी मद की राशि से साफ- सफाई की व्यवस्था कीजिए। मगर यह कहां से पूरा हो पाएगा। एसआरजी मद साल में एक ही बार मिलता है। उसी राशि से भवन का रंग-रोगन, कागज- कलम के अलावा कोई नई व्यवस्था लागू होती है। ऐसे में उस राशि से वे शौचालय की नियमित साफ-सफाई कहां करा पाएंगे।

बात पेयजल की करें तो शहर से लेकर दूर देहात में भी लोग बोतलबंद व डब्बाबंद पानी खरीद कर पीने को विवश हैं। परंतु, विद्यालयों में नामांकित करीब तीन लाख बच्चे रोज चापानल का पानी पीने को विवश हैं। यहां के अधिकांश चापाकल का पानी अब 'मीठा जहर' बन चुका है। अलग से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। तकलीफ तब होती है, जब विद्यालय में शिक्षक बोतलबंद, डिब्बाबंद पानी पीते हैं और बच्चे चापाकल का। सबसे खराब हालात बेलदौर प्रखंड में है। यह स्थिति सिर्फ सरकारी ही नहीं, बल्कि गैर सरकारी विद्यालयों की भी है।

कोट

'हाल में ही स्पेशल कोटे से 40 और विद्यालयों में शौचालय का निर्माण कराया गया है। एसआरजी की राशि से शौचालय साफ- सफाई का आदेश दिया गया है। जहां तक पेयजल का सवाल है, तो जो सरकार की व्यवस्था है, उसी अनुकूल कार्य चल रहा है।'

= सुरेन्द्र कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, खगड़िया। == ====

Posted By: Jagran