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फर्जी IAS मनीष गुप्ता पर अब CBI की नजर! खगड़िया एसपी ने भेजी रिपोर्ट, NSA अजीत डोभाल का एजेंट बताकर जमाता था भौकाल

Published: Wed, 07 Oct 2026 06:33 PM (IST)

खगड़िया के फर्जी आईएएस मनीष कुमार गुप्ता के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी सक्रिय हो गई है, जो खुद ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में फर्जी आईएएस मनीष कुमार गुप्ता। (जागरण)

पुलिस की गिरफ्त में फर्जी आईएएस मनीष कुमार गुप्ता। (जागरण)

HighLights

  1. फर्जी आईएएस मनीष गुप्ता मामले में सीबीआई की एंट्री हुई।

  2. खगड़िया एसपी ने सीबीआई को विस्तृत जांच रिपोर्ट भेजी।

  3. एनएसए अजीत डोभाल का एजेंट बताकर जमाता था धौंस।

मुकेश, खगड़िया। खगड़िया जिले के गोगरी जमालपुर के रहने वाले और वर्तमान में खगड़िया मंडल कारा में बंद फर्जी आईएएस (IAS) मनीष कुमार गुप्ता के खिलाफ शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

अपने आपको भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का बेहद खास एजेंट बताकर इलाके में भारी भौकाल जमाने और अकूत अचल संपत्ति अर्जित करने वाले इस महाठग के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी बेहद सक्रिय हो गई है।

  • खगड़िया जिले के गोगरी जमालपुर निवासी और मंडल कारा में बंद फर्जी आईएएस मनीष कुमार गुप्ता मामले में सीबीआई की हुई एंट्री

  • खगड़िया एसपी पुष्कर आनंद ने सीबीआई द्वारा मांगी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट और महत्वपूर्ण दस्तावेज सीबीआई को किए प्रेषित

  • राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का एजेंट बताकर जमाता था धौंस, घर में छापेमारी के दौरान मिला था स्विमिंग पूल व कछुआ

  • आयकर विभाग, ईडी, ईओयू और एसटीएफ के बाद अब सीबीआई खंगाल रही फर्जी आईएएस और उसके विदेश में रह रहे स्वजनों के तार

सीबीआई की मांग पर खगड़िया पुलिस ने मामले की पूरी केस फाइल, छापेमारी की विवरणी और अब तक की जांच रिपोर्ट सीबीआई मुख्यालय को भेज दी है। तमाम केंद्रीय जांच एजेंसियों के सक्रिय होने से फर्जी आईएएस मनीष कुमार गुप्ता की मुश्किलें अब और अधिक बढ़ने वाली हैं।

ऐप पर मिली गुप्त सूचना से खुला था राज, आलीशान बंगले में स्विमिंग पूल और कछुआ देख उड़े थे होश

इस हाई-प्रोफाइल मामले का पर्दाफाश तत्कालीन एसपी भानू प्रताप सिंह द्वारा शुरू किए गए एक विशेष सोशल मीडिया ऐप के जरिए हुआ था। ऐप पर मिली गुप्त सूचना के आधार पर गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर, डीआईयू और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने अगस्त के दूसरे सप्ताह में मनीष गुप्ता के आलीशान ठिकाने पर घंटों छापेमारी की थी।

छापेमारी के दौरान घर के अंदर इनडोर स्विमिंग पूल, कई महंगी लग्जरी गाड़ियां, विदेशी शराब की बोतलें, प्रतिबंधित कछुआ, लैपटॉप, दर्जनों फर्जी आईकार्ड, कई महंगे मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुए थे। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुद को देश का खुफिया एजेंट बताकर पुलिस को भी भ्रमित करने का प्रयास किया था।

विदेश में रह रहे परिजनों की तलाश, ईडी-आयकर के बाद सीबीआई खंगाल रही मनी ट्रेल

मामले की निगरानी कर रहे गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर ने बताया कि आरोपी ने अकूत संपत्ति अर्जित करने के पीछे विदेश में रह रहे अपने भाइयों का हाथ बताया था, जिनकी तलाश में पुलिस और जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं।

इस गंभीर और संगीन मामले की जांच पहले से ही देश की प्रमुख एजेंसियां जैसे—आयकर विभाग (Income Tax), प्रवर्तन निदेशालय (ED), आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और बिहार एसटीएफ (STF) कर रही हैं। अब सीबीआई के भी सीधे तौर पर इस केस में उतरने से फर्जी आईएएस के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग की परतों का जल्द खुलासा होने की उम्मीद है।

"फर्जी आईएएस बनकर भौकाल दिखाने और अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित करने के मामले में कई अन्य सफेदपोशों की संलिप्तता की गहन जांच की जा रही है। आरोपी के विदेशों में रहने वाले स्वजनों के नेटवर्क और वित्तीय स्रोतों की तलाश भी पुलिस सरगर्मी से कर रही है।"

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— चंदन कुमार ठाकुर, एसडीपीओ (गोगरी, खगड़िया)

"सीबीआई (CBI) द्वारा फर्जी आईएएस मनीष कुमार गुप्ता मामले की विस्तृत जानकारी और अद्यतन रिपोर्ट मांगी गई थी। खगड़िया पुलिस द्वारा मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक साक्ष्य और जानकारी सीबीआई को प्रेषित कर दी गई है।"

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— पुष्कर आनंद, पुलिस अधीक्षक (एसपी), खगड़िया