गंगा की बाढ़ से घिरे बिहार के कई स्कूल, खगड़िया में हजारों छात्रों की पढ़ाई ठप
गंगा नदी में उफान के कारण खगड़िया के परबत्ता प्रखंड में 17 सरकारी स्कूल बाढ़ से घिर गए हैं, जिससे ...और पढ़ें

स्कूल में भरा पानी। फोटो जागरण
HighLights
खगड़िया में गंगा के उफान से 17 स्कूल प्रभावित।
लगभग 10,000 छात्रों की पढ़ाई 13-15 दिन से ठप।
बाढ़ के बाद विशेष कक्षाएं आयोजित करने की योजना।
संवाद सूत्र, परबत्ता (खगड़िया)। गंगा उफान से तूफान का रूप धारण करने लगी है। खगड़िया के खारा धार जलद्वार के पास गंगा का जलस्तर बीते कई दिनों से खतरे के निशान से ऊपर है। जिसके कारण बाढ़ प्रवण क्षेत्र में संकट गहराता जा रहा है।
कई विद्यालय बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। कई में वर्ग कक्ष में पानी प्रवेश कर गया है। इन विद्यालयों में पठन-पाठन पूरी तरह से ठप है। परबत्ता प्रखंड के 17 सरकारी विद्यालयों में बीते कई दिनों से पठन-पाठन बाधित है। लगभग 10 हजार के आसपास विद्यार्थी विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं।
ये विद्यालय बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं
उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय नयागांव- गोढ़ियासी, मध्य विद्यालय नयागांव- गोढ़ियासी, प्राथमिक विद्यालय शर्मा टोला, तेमथा, प्राथमिक विद्यालय कज्ज्लवन दियारा, प्राथमिक विद्यालय माधवपुर-दो, उत्क्रमित उच्च विद्यालय माधवपुर, दुरन सिंह मध्य विद्यालय माधवपुर, कन्या प्राथमिक विद्यालय माधवपुर, मध्य विद्यालय मुरादपुर, मध्य विद्यालय विष्णुपुर, मध्य विद्यालय सौढ़, मध्य विद्यालय बिशौनी, कन्या प्राथमिक विद्यालय बिशौनी, कन्या प्राथमिक विद्यालय सलारपुर, जगन्नाथ राम इंटर विद्यालय सलारपुर, मध्य विद्यालय शिवनगर, सलारपुर, प्राथमिक विद्यालय भरसो आदि।
कहीं 13, तो कहीं 15 दिनों से बंद है विद्यालय
उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय नयागांव- गोढ़ियासी विगत 13 दिनों से गंगा की बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। इस विद्यालय के 305 विद्यार्थियों का पठन-पाठन ठप है। प्रधानाध्यापक कृष्णकांत प्रसाद ने कहा कि शिक्षकों ने बीआरसी में योगदान दिए हैं।
जहां से उन्हें बाढ़ मुक्त क्षेत्र के विद्यालयों में फिलहाल भेजा गया है। यहां के वर्ग दशम के छात्र गोलू कुमार ने बताया कि, लगभग दो सप्ताह से विद्यालय नहीं जा पा रहा हूं।
बाढ़ के कारण विद्यालय बंद है। घर पर रहकर ही पढ़ाई-लिखाई चल रही है। बोर्ड की परीक्षा देनी है। विद्यालय बंद रहने से परेशानी बढ़ गई है। इस विद्यालय के ही वर्ग दशम के छात्र कृष्ण कुमार, छात्रा सोनी खातून, वर्ग नवम के आदित्य कुमार ने कहा कि, घर तो सूखा क्षेत्र में है, परंतु विद्यालय बाढ़ क्षेत्र में है।
न जाने कब विद्यालय खुलेगा। इन विद्यार्थियों के अनुसार विभाग को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। मध्य विद्यालय नयागांव- गोढ़ियासी के प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार ने बताया कि उनके यहां 507 छात्र- छात्राओं का नामांकन है। विद्यालय का शैक्षणिक कार्य एक पखवारा से बंद है।
बाढ़ के बाद विशेष कक्षा का आयोजन होगा
परबत्ता के प्रभारी बीइओ रजनीश कुमार ने बताया कि अभी तक 11 विद्यालयों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने की सूचना है। इन विद्यालयों के शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है। बाढ़ का पानी समाप्त होने पर बाढ़ प्रभावित विद्यालयों में विशेष कक्षा का आयोजन कर पाठ्यक्रम को पूरा किया जाएगा।
