कटिहार। कोढ़ा प्रखंड क्षेत्र के राजवाड़ा पंचायत में सरकार द्वारा हर घर नल का जल योजना के तहत में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लाखों की लागत से जलमीनार का निर्माण तो कराया गया, लेकिन इसका लाभ अब तक लोगों को नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2016 में ही इस जलमीनार का निर्माण कराया गया था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी लोगों को एक बूंद भी पानी नसीब नहीं हुआ है। शुद्ध पेयजल के लालायित लोग पंचायत में जलमीनार के निर्माण से प्रसन्न थे, लेकिन विभागीय उदासीनता ने लोगों की उम्मीद पर ही पानी फेर दिया है।

जानकारी के अनुसार पंचायत के दो नंबर वार्ड में करीब आठ वर्ष पहले जलमीनार बनाया गया था। जबकि वार्ड तीन, पांच व सात में तीन वर्ष पहले जलमीनार का निर्माण कराया गया। परंतु परिणाम शून्य है।

जगह-जगह लगे नल भी दे रहे जवाब

शुद्ध पेयजल के लिए जलमीनार के निर्माण के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में पाइप भी बिछाई गई है। साथ ही घरों के अलावा सार्वजनिक स्थलों पर पक्कीकरण का कार्य कर नल भी लगाया गया है। आलम यह है कि देखरेख के अभाव में अब वह भी टूटने लगा है। बहरहाल लोग आयरन युक्त पानी पीने को विवश हैं। शुद्ध पानी नहीं मिलने के कारण लोग डायरिया, त्वचा रोग और पेट संबंधी बीमारी के शिकार हो रहे हैं।

क्या कहते हैं पंचायत के लोग

वार्ड सदस्य अमरजीत गुप्ता सहित कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि पानी तो दूर अब तो स्टैंड पोस्ट भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वे लोग कई बार विभाग का दरवाजा खटखटा चुके हैं लेकिन परिणाम सिफर रहा है। वार्ड नंबर दो के पंच विरेंद्र चौहान ने कहा कि करीब आठ साल पूर्व इस वार्ड में जलमीनार का निर्माण हुआ था जो आज पूरी तरह खंडहर बन चुका है। राजवाड़ा के मुखिया प्रतिनिधि मनोज चौहान ने कहा कि सरकार के सात निश्चय योजना में यह एक महत्वपूर्ण योजना है, परंतु विभाग इस मामले में कतई गंभीर नहीं है।

Posted By: Jagran

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