स्कूल अवधि में दीवार कूदकर भागे बच्चे! कटिहार के सरकारी स्कूल का वीडियो वायरल, हादसा हुआ तो कौन लेगा जिम्मेदारी?
Katihar Government School Boundary Wall Jump: कटिहार के एक सरकारी स्कूल में बच्चे स्कूल समय के दौरान चारदीवारी फांदकर भागते ...और पढ़ें

Katihar Government School Boundary Wall Jump:
HighLights
कटिहार स्कूल में बच्चे दीवार फांदकर भागे।
विद्यालय प्रशासन की निगरानी और सुरक्षा पर सवाल।
डीईओ ने जांच के आदेश दिए, प्रधानाचार्य से मांगा स्पष्टीकरण।
संवाद सहयोगी, कटिहार। Katihar Government School Boundary Wall Jump: राज्य के सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने और कक्षाओं में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मिशन दक्ष और विशेष कक्षाओं के जरिए शैक्षणिक माहौल सुधारने के लगातार दावे किए जा रहे हैं।
लेकिन इन योजनाओं की जमीनी हकीकत तब सवालों के घेरे में आ जाती है, जब विद्यालयों में निगरानी तंत्र और अनुशासन व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आती है। ताजा मामला कटिहार नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 41 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय हवाई अड्डा से सामने आया है, जहां स्कूल अवधि के दौरान ही छात्र-छात्राएं धड़ल्ले से चारदीवारी फांदकर घर भागते देखे गए।

चारदीवारी कूदकर भागे बच्चे
विद्यालय संचालन के तय समय में विद्यार्थियों का इस तरह परिसर की ऊंची दीवार को फांदकर बाहर निकलना सीधे तौर पर विद्यालय प्रशासन की सतर्कता पर उंगली उठाता है। स्थानीय स्तर पर सामने आए इस दृश्य ने यह साबित कर दिया है कि स्कूल के भीतर बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने के बाद उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
अनुशासन व्यवस्था पर सवाल
जब बच्चे स्कूल में मौजूद रहते हैं, तो उनकी कक्षा में नियमित सहभागिता सुनिश्चित कराने के साथ-साथ परिसर के भीतर उनकी सुरक्षा का जिम्मा भी शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन का होता है। हालांकि कई शिक्षक लगन से शैक्षणिक माहौल संवारने में जुटे हैं, लेकिन कुछ विद्यालयों में इस प्रकार की घोर लापरवाही से पूरे विभाग की साख पर बट्टा लगता है।
सुरक्षा को लेकर गंभीर जोखिम
स्कूल की चारदीवारी फांदकर बच्चों का सड़क पर निकलना सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है। स्कूल अवधि के दौरान यदि किसी छात्र या छात्रा के साथ रास्ते में कोई अप्रिय घटना, सड़क दुर्घटना या छेड़छाड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी जवाबदेही आखिर किसकी होगी?
कौन तय करेगा जवाबदेही?
अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए सरकारी विद्यालयों में भेजते हैं। ऐसे में बीच समय में बच्चों का बाउंड्री कूदकर भाग जाना अभिभावकों के भरोसे को तोड़ने जैसा है। स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि शिक्षा विभाग को नियमित औचक निरीक्षण कर न केवल शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति, बल्कि क्लास संचालन और मुख्य द्वार की सुरक्षा व्यवस्था की भी कड़ी समीक्षा करनी चाहिए।
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प्रिंसिपल से मांगा गया स्पष्टीकरण: डीईओ
मामला संज्ञान में आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राहुल कुमार ने बताया कि घटना की विधिवत जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूल अवधि के दौरान विद्यार्थियों का चारदीवारी लांघकर बाहर जाना अनुशासनहीनता और सुरक्षा में चूक का गंभीर मामला है।
डीईओ ने स्पष्ट किया कि संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य से इस पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत सख्त और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
