क्या मासूम कोमल को दारू के धंधे में घसीटना चाहता था चाचा अखिलेश? हत्या के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म
कटिहार में 13 वर्षीय कोमल कुमारी की हत्या के मामले में नए पहलू सामने आ रहे हैं, जिसमें ई-रिक्शा विवाद ...और पढ़ें

पोठिया के सिमरिया लोहनी में 13 वर्षीय कोमल की पीट-पीटकर हत्या मामले में अवैध शराब कारोबार के दबाव की स्थानीय स्तर पर चर्चा
HighLights
मासूम कोमल की हत्या में अवैध शराब कारोबार का खुलासा।
चाचा अखिलेश मंडल पर शराब धंधे में शामिल करने का आरोप।
रक्षाबंधन पर परिवार में पसरा मातम, खुशियां बदली गम में।
संवाद सूत्र, पोठिया (कटिहार)। कटिहार जिले के पोठिया थाना अंतर्गत शब्दा पंचायत के वार्ड संख्या दो स्थित रुचदेव सिमरिया लोहनी गांव में गुरुवार को 13 वर्षीय मासूम कोमल कुमारी की पीट-पीटकर हुई नृशंस हत्या के मामले में अब नए-नए पहलू सामने आ रहे हैं। घटना के पीछे तात्कालिक कारण ई-रिक्शा का सीट कवर फाड़ने का विवाद बताया गया था, लेकिन गांव और आसपास के क्षेत्रों में दबी जुबान से यह चर्चा भी गर्म है कि पारिवारिक विवाद की जड़ में अवैध शराब का कारोबार था।
चर्चा के अनुसार, आरोपित बड़ा चाचा अखिलेश मंडल कथित तौर पर घर में ही शराब के अवैध निर्माण और बिक्री का काम करता था और उसने घर को अवैध कारोबार का अड्डा बना रखा था। यह आरोप लगाया जा रहा है कि वह मासूम कोमल पर भी इस धंधे में मदद करने और ग्राहकों को शराब परोसने का दबाव बनाता था।
हालांकि, पुलिस या प्रशासनिक स्तर पर इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि शराब के अवैध कारोबार को लेकर पूर्व में कोमल की चाची मनीषा देवी और अखिलेश मंडल के परिवार के बीच कई बार तीखा विवाद भी हुआ था।
रक्षाबंधन पर घर में पसरा मातमी सन्नाटा, सूनी रही भाई की कलाई
वारदात के अगले दिन रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पीड़ित परिवार और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। जिस घर में त्योहार को लेकर भाई-बहनों के बीच उत्साह और खुशियों का माहौल होना चाहिए था, वहां केवल चीख-पुकार और सिसकियां गूंजती रहीं। कोमल अपनी अन्य बहनों के साथ भाई नंदू कुमार की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने की तैयारी कर रही थी, लेकिन उसकी असमय मौत ने सारी खुशियों को मातम में बदल दिया।
कोमल की बहनें अंजली कुमारी, ज्योति कुमारी और वंदना कुमारी बार-बार अपनी बहन को याद कर बिलख रही थीं, वहीं भाई नंदू बेसुध बैठा था। ममेरी बहन सोनी कुमारी, नाना ढोराय मंडल, मामा विनोद कुमार, विवेकानंद मंडल, मामी कविता देवी और ज्ञानी देवी सहित अन्य स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
