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सड़क देखने आए हैं या बाढ़? कटिहार में प्रभारी मंत्री, सांसद व विधायक पर बिफरे ग्रामीण, तटबंध होकर निकला काफिला

Published: Sat, 12 Sep 2026 03:15 PM (GMT+05:30)

Katihar Flood Relief Protest: कटिहार के बरारी प्रखंड में बाढ़ पीड़ितों ने राहत वितरण में लापरवाही और सतही निरीक्षण को ...और पढ़ें

HighLights

  1. बाढ़ पीड़ितों ने राहत वितरण में लापरवाही पर विरोध प्रदर्शन किया।

  2. मंत्री, विधायक पर सतही निरीक्षण का आरोप लगाकर घेराव किया।

  3. सामुदायिक रसोई, पॉलीथिन और पानी की मांग उठाई।

संवाद सूत्र, सेमापुर (कटिहार)।Katihar Flood Relief Protest: कटिहार जिले के बरारी प्रखंड में प्रलयंकारी बाढ़ से त्राहिमाम कर रहे ग्रामीणों का धैर्य शनिवार को टूट गया। राहत वितरण में भारी लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के बीच बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का मुआयना करने पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी और स्थानीय विधायक विजय सिंह को उस वक्त जनता के भारी जनाक्रोश का सामना करना पड़ा, जब पीड़ितों को यह भनक लगी कि जनप्रतिनिधि जलमग्न गांवों के अंदर जाने के बजाय केवल भवानीपुर-कुंडी मुख्य सड़क से ही निरीक्षण की औपचारिकता निभा रहे हैं।

सड़क किनारे से ही मुआयना कर लौटने की सूचना फैलते ही सैकड़ों की तादाद में बाढ़ पीड़ित मौके पर पहुंच गए और घेराव शुरू कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक विजय सिंह, प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी और सांसद तारिक अनवर के खिलाफ 'मुर्दाबाद' के गगनभेदी नारे लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ते और विरोध को उग्र रूप लेते देख विधायक और मंत्री अपने काफिले के साथ मुख्य मार्ग छोड़कर तटबंध के रास्ते काढ़ागोला की ओर निकल गए।

'जनप्रतिनिधि सड़क देखने आए हैं, हमारा दर्द नहीं'

प्रदर्शन कर रहे बाढ़ पीड़ित पंकज राम, कृष्णा कुमार, शिव कुमार, गीता देवी, जिम्मी देवी आदि ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि केवल सूखी सड़कों का मुआयना करने पहुंचे हैं, जबकि असल विभीषिका तो उन गांवों में है जो पूरी तरह पानी में समा चुके हैं। पीड़ितों का सीधा आरोप था कि कई दिनों से बेघर परिवारों को सिर ढकने के लिए प्रशासनिक स्तर से अब तक एक अदद पॉलीथिन शीट (तिरपाल) तक मुहैया नहीं कराई गई है। खुले आसमान के नीचे परिवार भूखे-प्यासे रातें काटने को मजबूर हैं।

Katihar Flood Relief Protest Minister Faces Villagers Anger (1)

वार्ड 17 में कम्युनिटी किचन बंद, मवेशियों के चारे का संकट

ग्रामीणों ने राहत व्यवस्था की पोल खोलते हुए बताया कि मोहना चांदपुर पंचायत के वार्ड संख्या 17 में अब तक कोई सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) शुरू नहीं की गई है, जिससे लोगों के सामने भुखमरी की नौबत है। भारी हो-हंगामे और कहासुनी के बाद वार्ड संख्या पांच में शनिवार से किसी तरह सामुदायिक किचन शुरू कराया गया।

  • बरारी में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी और विधायक विजय सिंह का ग्रामीणों ने किया तीखा विरोध

  • सड़क किनारे से ही मुआयना कर खानापूर्ति करने का आरोप, सांसद तारिक अनवर, मंत्री व विधायक के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे

  • विरोध बढ़ता देख तटबंध के रास्ते काढ़ागोला की ओर निकला जनप्रतिनिधियों का काफिला; पीड़ितों ने उठाई पॉलीथिन, पानी और चारे की मांग

  • मोहना चांदपुर वार्ड 17 में कम्युनिटी किचन नदारद, भारी हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे अंचलाधिकारी (CO) ने लोगों को कराया शांत

इसके अलावा बाढ़ शरणार्थियों के सामने मवेशियों के लिए पशुचारे (चारा) का घोर संकट खड़ा हो गया है। ऊंचे स्थानों पर शरण लिए लोगों के लिए न तो स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था है और न ही चलंत शौचालयों की, जिससे महामारी फैलने की आशंका गहराने लगी है। पीड़ितों ने कहा कि अंदरूनी हिस्सों में जाकर राहत पहुंचाने के बजाय महज सड़क किनारे खड़े होकर राहत कार्यों की इतिश्री की जा रही है।

Katihar Flood Relief Protest Minister Faces Villagers Anger (1)

सीओ ने पहुंचकर कराया मामला शांत

बाढ़ पीड़ितों के बढ़ते आक्रोश और सड़क पर हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व कर्मचारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों से सीधी वार्ता की और उनकी मांगों को सुना। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सभी प्रभावित वार्डों में तुरंत कम्युनिटी किचन, पर्याप्त मात्रा में पॉलीथिन शीट और शुद्ध पेयजल टैंकरों की व्यवस्था कराई जा रही है, जिसके बाद लोग शांत हुए।