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न नाविक, न लाइफ जैकेट... उफनती धार में मासूमों के हाथ में पतवार! कटिहार से सामने आया रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो

Published: Fri, 04 Sep 2026 05:48 PM (GMT+05:30)

Katihar Flood Video:कटिहार के कुरसेला से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें मासूम स्कूली बच्चे बिना ...और पढ़ें

HighLights

  1. कटिहार के कुरसेला में बच्चों ने बाढ़ के पानी में खुद खेई नाव।

  2. बिना नाविक, लाइफ जैकेट के बच्चों ने जान जोखिम में डाली।

  3. प्रखंड शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

संवाद सूत्र, कुरसेला (कटिहार)। Katihar Flood Video: बिहार के दियारा इलाकों में बाढ़ की त्रासदी और प्रशासनिक अनदेखी के बीच स्कूली बच्चों की जान किस कदर जोखिम में है, इसका एक दिल दहला देने वाला वीडियो कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड से सामने आया है। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे इस वीडियो में मासूम स्कूली बच्चे बिना किसी मल्लाह (नाविक) या अभिभावक के, गहरे और उफनते पानी में खुद चप्पू चलाकर नाव खेते दिखाई दे रहे हैं।

जो भी इस दृश्य को देख रहा है, वह सिहर उठ रहा है और दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर है। हालांकि दैनिक जागरण इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है, लेकिन यह दृश्य जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता की कलई खोलने के लिए काफी है।

Katihar Children Row Boat in Floodwaters Bihar Safety Concerns

मिली जानकारी के अनुसार, यह वीडियो कुरसेला प्रखंड के मिर्जापुर मलिनिया वार्ड संख्या तीन स्थित प्राथमिक विद्यालय मलिनिया दियारा का बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे अपने-अपने बस्ते पीठ पर लादकर नाव में सवार होकर घर लौट रहे हैं।

  • कटिहार के कुरसेला प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय मलिनिया दियारा के स्कूली बच्चों का रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो वायरल

  • बाढ़ के पानी में कच्ची सड़क डूबने के बाद बिना नाविक व अभिभावक के खुद नाव खेकर घर लौट रहे पांचवीं और सातवीं के छात्र

  • उफनती धार में जरा सा संतुलन बिगड़ने पर हो सकता था बड़ा जलहादसा; सुरक्षा मानकों की खुली पोल

  • बीईओ शांतनु ठाकुर का बयान: पटना में प्रशिक्षण में होने के कारण मामला संज्ञान में नहीं, जांच कर होगी सख्त कार्रवाई

हैरान करने वाली बात यह है कि नाव पर पांचवीं और सातवीं कक्षा के छोटे-छोटे बच्चे सवार हैं और नाव की पतवार भी उन्हीं मासूमों के नाजुक हाथों में है। नाव में न तो कोई प्रशिक्षित नाविक मौजूद है और न ही कोई वयस्क अभिभावक।

सड़क डूबी तो बच्चों ने थाम ली पतवार, बड़ा हादसा टला

स्थानीय लोगों के अनुसार, गंगा और सहायक नदियों के उफान के चलते गांव और विद्यालय को जोड़ने वाली कच्ची सड़क पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। सड़क डूब जाने से आवागमन का एकमात्र सहारा नाव ही बचा है। धार में पानी का बहाव तेज और गहराई अत्यधिक है।

ऐसे में यदि पानी के तेज थपेड़ों से नाव का तनिक भी संतुलन बिगड़ता या नाव अनियंत्रित होकर पलट जाती, तो एक बड़ी जलसमाधि का मंजर देखने को मिल सकता था। आपदा प्रबंधन और जल सुरक्षा मानकों के अनुसार, बाढ़ या जलजमाव वाले क्षेत्रों में नावों के संचालन के लिए प्रशिक्षित नाविक का होना अनिवार्य है। साथ ही बच्चों के परिवहन के लिए लाइफ जैकेट और अन्य पुख्ता सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए। लेकिन जमीनी हकीकत इन नियमों को मुंह चिढ़ाती नजर आ रही है।

बीईओ बोले- जानकारी लेकर करेंगे अग्रेतर कार्रवाई

इस गंभीर और संवेदनशील मामले पर जब शिक्षा विभाग से जवाब मांगा गया, तो विभागीय अनभिज्ञता सामने आई। कुरसेला के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) शांतनु ठाकुर ने कहा कि वे विभागीय प्रशिक्षण के सिलसिले में पिछले एक सप्ताह से पटना में थे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संबंधित घटना फिलहाल उनके सीधे संज्ञान में नहीं आई है। वे स्थानीय विभागीय कर्मियों और विद्यालय प्रधान से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब करेंगे और इसके बाद आवश्यक अग्रेतर कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

विभागीय प्रशिक्षण को लेकर विगत एक सप्ताह से पटना में थे। संबंधित घटना उनके संज्ञान में नहीं है। विभागीय कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त कर अग्रेतर कार्रवाई करेंगे।

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शांतनु ठाकुर, बीईओ, कुरसेला।

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