कटिहार। मनिहारी अनुमंडलीय अस्पताल फिलहाल खुद बीमार चल रहा है। संसाधनों की कमी के चलते मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पा रही है। करीब दो माह से अधिक समय से रोगियों को भोजन व नाश्ता तक नसीब नहीं हो रहा है। लाखों की लागत से उपलब्ध डेंटल चेयर का इन्स्टालेशन नहीं हो पाया है। तकनीशियन का अभाव अलग समस्या है। आंख जांच केन्द्र, ब्लाड स्टोरेज यूनिट अक्सर बंद ही रहता है। ड्रेसर व ओटी असिस्टेंट तक नहीं है। ड्रे¨सग रूम में भी संसाधनों का अभाव है। लेखापाल हैं स्वास्थ्य प्रबंधक के प्रभार में

लेखापाल के पद पर प्रतिनियुक्त रितेश कुमार ही हेल्थ मैनेजर व स्वास्थ्य प्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार में है। अनुमंडलीय रोगी कल्याण समिति की बैठक 27 अप्रैल को अंतिम बार हुई थी। ओपीडी में करीब 250 से 300 रोगियों का इलाज होता है। शिशु वार्ड में अस्पताल के कागजात व होमगार्ड के जवान का बसेरा है। रखरखाव का भी साफ अभाव है। अनुमंडलीय उपाधीक्षक सहित पांच चिकित्सक है। जबकि स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन सहित अन्य चिकित्सकों का की कमी दूर ही नहीं हो पा रही है। भुगतान के पेंच में फंसा भोजना

रोगियों को भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था के प्रतिनिधि मु. तस्लीम उर्फ टूनटून का कहना है कि गत वर्ष में रोगियों को भोजन उपलब्ध कराने के बाद भी संस्था को राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। भोचर जमा करने के बाद भी भुगतान लंबित हे। भोजन तैयार करने के लिए रूम भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। क्या कहते हैं उपाधीक्षक

अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डा. आर. चौधरी ने बताया कि चिकित्सकों सहित ड्रेसर, ओटी असिस्टेंट सहित स्टॉफ की कमी है, फिर भी ओपीडी में 250 से 400 रोगियों को प्रतिदिन देखा जाता है। कहा कि डेंटल चेयर का इन्स्टालेशन एक सप्ताह के अंदर कर लिया जाएगा। संबंधित इंजीनियर से बात हुई है। बताया कि पैथोलोजी में केमिकल की कमी है तथा टेक्नीशियन अतिरिक्त प्रा. स्वा. केंद्र कुमारीपुर के भी अतिरिक्त प्रभार है। गत दो माह से रोगियों को खाना संबंधित एजेंसी द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। पूरी स्थिति से विभाग के वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया गया है।

Posted By: Jagran