टूटी पटरी से गुजरी डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस! तेज आवाज सुन लोको पायलट ने रोकी ट्रेन, कटिहार के सेमापुर में टला बड़ा रेल हादसा
Katihar Railway Track Fracture: कटिहार के सेमापुर स्टेशन पर डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस टूटी पटरी से गुजरी, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ ...और पढ़ें

Katihar Railway Track Fracture: कटिहार के सेमापुर स्टेशन पर टूटी पटरी से गुजरी डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
HighLights
सेमापुर में डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस टूटी पटरी से गुजरी।
लोको पायलट की सूझबूझ से बड़ा रेल हादसा टला।
राजधानी एक्सप्रेस को पास देने से ट्रेन धीमी थी।
संवाद सूत्र, सेमापुर (कटिहार)। Katihar Railway Track Fracture: पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर रेल मंडल अंतर्गत कटिहार-बरौनी रेलखंड के सेमापुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। ट्रेन संख्या 15904 डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस टूटी हुई पटरी से गुजर गई, लेकिन ट्रेन के लोको पायलट (चालक) की त्वरित सूझबूझ और सतर्कता के कारण सैकड़ों यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। घटना शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे की बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिब्रूगढ़ से चंडीगढ़ जा रही एक्सप्रेस ट्रेन जैसे ही सेमापुर स्टेशन के यार्ड क्षेत्र में दाखिल हो रही थी, तभी ट्रैक में गंभीर फ्रैक्चर (पटरी टूटी) था। ट्रेन का इंजन और उसके ठीक पीछे वाली एक बोगी टूटी हुई पटरी के ऊपर से गुजर गई।
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इसी दौरान पहियों के टूटे हिस्से से टकराने पर लोको पायलट को ट्रैक के नीचे से एक असामान्य और तेज खटखटाहट की आवाज सुनाई दी। खतरे का अंदेशा होते ही लोको पायलट ने बिना वक्त गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को वहीं रोक दिया और फौरन इसकी सूचना ट्रेन गार्ड एवं सेमापुर स्टेशन मास्टर को दी।
सोनपुर रेल मंडल के कटिहार-बरौनी रेलखंड स्थित सेमापुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे पेश आया गंभीर मामला
ट्रेन संख्या 15904 डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस का इंजन और एक बोगी टूटी पटरी से गुजरी; जोरदार आवाज सुनते ही लोको पायलट ने रोकी ट्रेन
राजधानी एक्सप्रेस को रास्ता (पास) देने के लिए ट्रेन की गति थी काफी धीमी, जिसके चलते टल गया एक बड़ा रेल हादसा
करीब दो घंटे तक मौके पर खड़ी रही ट्रेन; इंजीनियरिंग और आरपीएफ टीम ने फिश प्लेट लगाकर कॉशन पर ट्रेन को कराया सुरक्षित रवाना
राजधानी एक्सप्रेस को देना था पास, धीमी गति बनी वरदान
इस घटना में सबसे बड़ा संयोग यह रहा कि ट्रेन की गति बहुत अधिक नहीं थी। दरअसल, सेमापुर स्टेशन पर पीछे से आ रही वीआईपी ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस को ओवरटेक कराने (पास देने) के लिए डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस को लूप लाइन/शंटिंग लाइन में रोका जाना था। इसके कारण ट्रेन पहले से ही धीमी गति से स्टेशन की ओर बढ़ रही थी। यदि ट्रेन अपनी सामान्य तेज रफ्तार (फुल स्पीड) में होती, तो पटरी के टूटे हिस्से से गुजरते ही बोगियों के बेपटरी होने की गंभीर आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
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दो घंटे तक खड़ी रही ट्रेन, फिश प्लेट लगाकर कराया गया पास
ट्रैक टूटने की खबर मिलते ही रेल प्रशासन और तकनीकी अमले में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सीडब्ल्यूसीआई प्रेम प्रकाश, यूएसडी अमृत सागर और बिहपुर-सेमापुर रेल आरपीएफ ओपी प्रभारी मनोज कुमार सिंह तकनीकी टीम व जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। रेल इंजीनियरों ने सबसे पहले टूटे हुए ट्रैक के हिस्से को सुरक्षित करने के लिए क्लैंप और फिश प्लेट लगाकर उसे अस्थायी रूप से मजबूत किया।
इस पूरी प्रक्रिया के चलते डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस करीब दो घंटे तक घटनास्थल पर ही खड़ी रही। ट्रैक को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ट्रेन को कॉशन (अति धीमी गति) पर आगे रवाना किया गया। ट्रेन के सुरक्षित निकल जाने के बाद इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने टूटे स्थान की वेल्डिंग कर स्थायी रूप से ट्रैक की मरम्मत की। मामले की पुष्टि करते हुए आरपीएफ ओपी प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पटरी में दरार/टूटाव आने के कारण चालक ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन रोक दी थी। रेल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर ट्रैक को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया है और रेलखंड पर परिचालन सामान्य हो गया है।
