यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Flood News: गंगा-कोशी ने दिखाया रौद्र रूप, दर्जनभर गांवों में घुसा बाढ़ का पानी; पलायन करने रहे लोग
Bihar Flood News बिहार के कई जिले बढ़ से प्रभावित हो गए हैं। गंगा-कोशी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू ...और पढ़ें

HighLights
- पीड़ित परिवार तटबंधो पर बना रहे है आशियाना
- पशुपालको को पशुचारा की सताने लगी है चिंता
- निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा बाढ़ का पानी
संवाद सूत्र, बरारी (कटिहार)। जिले में उफनती गंगा, कोशी और बरंडी नदी ने डेंजर लेवल को पार कर दिया है। जिससे निचले इलाके में पानी का तेज फैलाव शुरू हो गया है।
खासकर तटबंध के भीतरी भाग के करीब दर्जन भर पंचायत के कई गांवो में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। लोग खाद्य सामाग्री व अन्य सामान के साथ ऊंचे स्थानो की तलाश में जुट गए हैं। हजारों एकड़ में लगी फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गया है।
जानकारी के अनुसार, गंगा-कोशी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से आजमपुर शंकर बांध के भीतरी भाग के मोहना चांदपुर के डहरा, कुंडी गांव, गुरुमेला पंचायत के सीज टोला, पूर्वीबारीनगर पंचायत के भवनाथनगर, हासिमपुर, दक्षिणी भंडारतल के रविदास टोला एवं तेरासीटोला, आदि गांवो में पानी का प्रवेश कर गया है।
जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सरकारी स्तर पर समुचित संख्या में नाव की उपलब्धता नहीं होने से लोग निजी नाव के सहारे आवागमन करने को विवश हो रहे हैं।
रतजग्गा करने को विवश हो रहे है बाढ़ पीड़ित
वहीं, बरंडी नदी के जलस्तर भी उफान पर हैं। पश्चिमी बारीनगर पंचायत के तटबंध के भीतरी भाग के पासवान टोला में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। जिससे लोग बेघर होकर तटबंधो के किनारे अपना बसेरा बनाना शुरू कर दिया हैं।
कई ऐसे भी गांव है, जो पानी से पूरी तरह से घिर गए हैं। जिससे लोग रतजग्गा करने को विवश हैं। वहीं, कुरसेला के पत्थर टोला सहित समेली के भी निचले इलाको मे कोशी गंगा ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बाढ़ पीड़ितो को आवासन एवं पशुपालकों को पशुचारा की चिंता सताने लगी है।
सुविधा कराई जा रही है उपलब्ध
अंचलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से फिलहाल रिभर साईड के गांवो में पानी का प्रवेश किया है। आवागमन की सुविधाओ को लेकर नांवो का परिचालन कराया जा रहा है। जरूरतवाले जगहों पर स्वास्थ्य सेवा, पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई गई है।
