संवाद सूत्र, समेली (कटिहार) : प्रखंड क्षेत्र में शराबबंदी के बाद युवा वर्ग नशे के लिए कफ सिरप सहित अन्य मादक द्रव्यों का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं। प्रतिबंधित कप सिरप सहित गांजा, भांग सहित अन्य मादक द्रव्यों की यहां सहज उपलब्धता भी है। समेली के कई दवा दुकानों में ऐसे सिरप सहज रुप से उपलब्ध हो जाता है। बाजार में चाय-पान दुकानों के इर्द-गिर्द लगे रहने वाले कप सिरप की खाली बोतलों की ढेर खुद ब खुद सारी स्थिति बयां कर रही है।

क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि

प्रखंड प्रमुख अनुकंपा कुमारी, जिला परिषद सदस्य सरिता कुमारी, जद यू महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष निवेदिता कुमारी, एमएलसी प्रतिनिधि कविता शर्मा आदि ने कहा कि सरकार का पूर्ण शराबबंदी सराहनीय कदम है। परंतु इसके विकल्प के रुप में कफ सिरप अथवा गांजा, भांग आदि की उपलब्धता सरकार के उद्?देश्य पर कुठाराघात है। खासकर युवा ऐसे वैकल्पिक नशा का उपयोग कर विभिन्न बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। ऐसे पदार्थों की बिक्री पर भी कड़ाई से प्रतिबंध लगना चाहिए। क्या कहते हैं चिकित्सक:

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ विनय कुमार ने बताया कि कफ सिरप स्वास्थ्य के लिए काफी हानि कारक है। नशा के लिए इसके नियमित सेवन से केवल कई तरह की घातक बीमारी होने का खतरा रहता है, बल्कि इससे जान भी जा सकती है। इसको लेकर लोगों को जागरुक करने की जरुरत है।

Posted By: Jagran

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