बाइक का चालान कटने से भड़का युवक, मंत्री की गाड़ी के आगे लगा दी बाइक; कैमूर में हाईवोल्टेज ड्रामा
मोहनियां में ट्रैफिक चालान से नाराज एक युवक ने बिहार के पथ निर्माण मंत्री के काफिले को अपनी बाइक से ...और पढ़ें
HighLights
मोहनियां में ट्रैफिक चालान से नाराज युवक ने मंत्री का काफिला रोका।
युवक ने अपनी बाइक मंत्री के वाहन के सामने खड़ी कर दी।
सुरक्षाकर्मियों ने बाइक हटाई, बाद में पुलिस ने युवक से बातचीत की।
संवाद सहयोगी, मोहनियां (कैमूर)। मोहनियां शहर के चांदनी चौक के समीप सोमवार की शाम ट्रैफिक पुलिस द्वारा बाइक का चालान काटे जाने से नाराज युवक ने सड़क पर बाइक खड़ी कर धरना शुरू कर दिया।
इसी दौरान पटना से कैमूर आ रहे बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र का काफिला वहां पहुंच गया। युवक ने मंत्री के वाहन के सामने अपनी बाइक खड़ी कर दी।
इससे कुछ देर के लिए मंत्री का वाहन सड़क पर रुक गया। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल बाइक को सड़क से हटाया, जिसके बाद काफिला आगे बढ़ सका।
मामले की जानकारी मिलने के बाद ट्रैफिक थानाध्यक्ष भी मौके पर पहुंचे और युवक से घटना के संबंध में जानकारी ली। युवक की पहचान मोहनियां थाना क्षेत्र के बेलौड़ी गांव निवासी बिट्टू कुमार पटेल के रूप में हुई है।

दुकान के सामने बाइक खड़ी करने पर काटा गया चालान
बताया जाता है कि बिट्टू कुमार पटेल की भभुआ रोड में दुकान है। सोमवार की शाम करीब छह बजे उन्होंने अपनी बाइक दुकान के सामने सड़क किनारे खड़ी कर रखी थी।
इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस ने बाइक का चालान काट दिया। चालान कटने से नाराज बिट्टू ने सड़क पर ही विरोध जताना शुरू कर दिया।
इसी बीच पटना से कैमूर की ओर जा रहे पथ निर्माण मंत्री का काफिला चांदनी चौक पहुंचा। युवक ने अपनी बाइक मंत्री के वाहन के सामने खड़ी कर दी।
इससे काफिला कुछ देर के लिए रुक गया। सुरक्षा कर्मियों ने बाइक को तत्काल वहां से हटाया, जिसके बाद मंत्री का वाहन आगे निकल गया।
बाइक हटाने के बाद दोबारा सड़क पर बैठा
मंत्री का काफिला आगे निकलने के बाद युवक ने दोबारा अपनी बाइक सड़क पर खड़ी कर दी और वहीं धरने पर बैठ गया।
इससे कुछ देर के लिए सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक से बातचीत की।
बिट्टू कुमार पटेल का कहना था कि उनकी दुकान भभुआ रोड में है और उन्होंने बाइक दुकान के सामने सड़क किनारे खड़ी की थी।
उनका आरोप था कि शहर में वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद उनकी बाइक का चालान काट दिया गया। इसी से नाराज होकर उन्होंने विरोध किया।
