कैमूर। बिहार सरकार सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था सुधारने के लिए नित नये प्रयास कर रही है। नये प्रयास के क्रम में अब बेस्ट ऐप के माध्यम से विद्यालयों की निगरानी का कार्य अप्रैल माह से वृहद पैमाने पर शुरू किया गया है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मॉनिट¨रग के तहत जिले के 501 विद्यालयों में बेस्ट ऐप के माध्यम से शिक्षकों पर नजर रखी गई। जिसमें लगभग 95 फीसद शिक्षक विद्यालयों में उपस्थित पाए गए। इस संबंध में जानकारी देते हुए एनआइए के प्रभारी खुर्शीद आलम ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से विद्यालयों में गायब रहने वाले शिक्षकों पर भी नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 1203 प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें से अब तक 501 विद्यालयों की जांच की गई है। जिसमें से अधौरा के चार, भभुआ के 94, भगवानपुर के 31, चैनपुर के 90, चांद के 68, दुर्गावती के 63, कुदरा के 15, मोहनियां के 39, नुआंव के 38, रामगढ़ के दस व रामपुर के 14 विद्यालयों की जांच बेस्ट ऐप के माध्यम से की गई। उन्होंने कहा कि अब कोई भी शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित पाए जाएंगे तो उसकी ऐप के माध्यम से जानकारी हासिल कर ली जाएगी। ऐप के संबंध के बारे में पूछे जाने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी सूर्यनारायण ने बताया कि सरकार की मंशा है कि सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा के साथ अन्य गतिविधियां बेहतर रूप से संचालित हों। इसके लिए शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति हर हाल में आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐप लांच होने से पूर्व भी विभाग के पदाधिकारियों द्वारा जिले के प्राथमिक, मध्य व उच्च विद्यालयों की जांच पड़ताल अनवरत की जा रही है। ताकि होने वाले पठन-पाठन की जानकारी प्राप्त होने के उपरांत शिक्षा का सबलीकरण वातावरण तैयार करने के लिए कार्य किया जा सके। ऐप द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार शिक्षकों की उपस्थिति

प्रखंड - उपस्थिति, फीसद में

अधौरा - 33

भभुआ - 87

भगवानपुर - 81

चैनपुर - 80

चांद - 82

दुर्गावती - 81

कुदरा - 80

मोहनियां - 97

नुआंव - 78

रामगढ़ - 78

रामपुर - 77

Posted By: Jagran

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