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एक कपड़ा की दुकान में बुधवार को शरारती तत्वों द्वारा की गई आगजनी की घटना के विरोध में शनिवार को व्यवसायियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद रखी। जिसके चलते भभुआ नगर में मेडिकल व सब्जी की दुकानों को छोड़ कर शेष सभी दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। दुकानों के बंद रहने के कारण नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग बिना सामान की खरीदारी किए घर वापस लौट गए। लोगों को सामानों की खरीदारी करने के लिए दूसरे प्रखंड के बाजारों में जाना पड़ा। शनिवार की सुबह व्यवसायी सड़क पर उतर कर पूरे नगर का भ्रमण करते हुए दुकानों को बंद कराए। साथ ही दुकानों को बंद कराते हुए व्यवसायी समूह बना कर नगर भ्रमण करते हुए घटना का विरोध किए और प्रशासन से आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग किए। बता दें कि होलिका दहन के दिन नगर के वार्ड नंबर 11 निवासी विनोद केशरी की कपड़ा की दुकान में कुछ शरारती तत्वों द्वारा मारपीट के बाद आग लगा दी गई थी। इससे दुकान में रखे कपड़े नष्ट हो गए। दुकान संचालक द्वारा भभुआ थाना में चार लोगों पर नामजद व 15 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। लेकिन पुलिस द्वारा अब तक एक भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोशित व्यवसायियों ने शुक्रवार की शाम नगर में बैठक की। जिसमें शनिवार को सभी दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया। शनिवार को बाजार बंद रहने के कारण आमलोग किसी भी सामान की खरीदारी नहीं कर सके। नगर में स्थित कपड़ा, जूता, किताब, फोटो स्टेट, जेनरल स्टोर आदि सभी दुकानें बंद रहीं। व्यवसायियों का नेतृत्व कर रहे नगर परिषद सभापति जैनेंद्र कुमार आर्य ने कहा कि दुकानदारों के साथ इस तरह की घटना काफी निदनीय है। बीच बाजार में शरारती तत्वों द्वारा इस तरह की घटना को अंजाम देने से अन्य दुकानदारों में भी भय है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से शीघ्र आरोपितों की गिरफ्तारी करने की मांग की।

Posted By: Jagran

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