कैमूर। वरीय पदाधिकारियों के निर्देश के बाद भी प्रखंड की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं दिखाई दे रही है। जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी के निर्देश पर पदाधिकारियों द्वारा विद्यालयों के औचक निरीक्षण में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो रहे हैं। एमडीएम में घालमेल की बात तो आम है। बुधवार को मोहनियां के बीइओ अनंत ¨सह ने प्राथमिक विद्यालय दसौती का औचक निरीक्षण किया। जिसमें कई खामियां मिली। विद्यालय में कार्यरत एक शिक्षक मोहम्मद शमशाद आलम गत डेढ़ वर्ष से बिना सूचना के विद्यालय से गायब हैं। छात्रों की उपस्थिति पंजी में 93 बच्चों की उपस्थिति बनी थी। लेकिन विद्यालय में 109 बच्चे उपस्थित थे। यानी उपस्थिति पंजी से 16 अधिक। बीइओ ने बताया कि एमडीएम की जांच में गड़बडी मिली। बच्चों के लिए जो भोजन तैयार किया गया था उसमें मात्र 30-35 बच्चे ही ठीक से भोजन कर सकते थे। उपस्थिति के अनुसार 109 बच्चों के लिए भोजन बनना चाहिए था। पांचवीं की शिक्षिका कुमारी तारा छात्र उपस्थिति पंजी का संधारण नहीं की थीं। 24-07-2017 को तैयार की गई दैनिक कार्यतालिका आज तक व्यवहार में लाई जा रही है। विद्यालय की मात्र दो शिक्षिकाओं को छोड़कर किसी शिक्षक शिक्षिका द्वारा पाठ टीका का उपयोग नहीं किया जा रहा था। शिक्षकों की उपस्थिति ठीक थी। बच्चों से पठन पाठन के विषय में जानकारी प्राप्त की गई। जो संतोषप्रद नहीं थी। बीइओ ने बताया कि बिना सूचना के किसी शिक्षक द्वारा डेढ़ वर्षों से विद्यालय से गायब रहना गंभीर मामला है। उन्होंने कैमूर के जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखकर शिक्षक मो. शमशाद आलम की सेवा समाप्त करने का  आग्रह किया है। फरवरी माह में भी उन्होंने उक्त शिक्षक की सेवा समाप्त करने के लिए  जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखा था। लेकिन अभी तक शिक्षक की सेवा समाप्त करने हेतु सम्बंधित नियोजन इकाई को निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।

Posted By: Jagran

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