कैमूर। जिले में मंगलवार की सुबह ही लोगों ने स्नान कर दान किया। वहीं दान की सामग्री घर में रखकर लॉकडाउन खुलने पर जरुरतमंदों को देने का निर्णय लिया। सूर्य के मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करने के बाद लोग सतुआन का पर्व मनाए। हर साल लोग स्नान करने के लिए प्रयागराज व अन्य जगहों पर गंगा स्नान करने जाते थे लेकिन इस बार घर में ही गंगा जल की कुछ बुंदे पानी में डालकर स्नान किए। उसके बाद लोगों ने भगवान की पूजा की। तत्पश्चात लोगों ने चावल, सत्तु व अन्य सामग्री दान की चीजों को स्पर्श कर दूसरे जगह पर रख दिया। लोगों ने बताया कि लॉकडाउन खुलने पर दान का सामान किसी जरुरतमंद को या किसी भिखारी को दे दिया जाएगा। लॉकडाउन में घर से बाहर निकलना मना है। ऐसे में दूसरे के यहां जाना या किसी को बुलाना दोनों ही ठीक नहीं है। लोगों ने उसके बाद सत्तू, आम व गुड़ का सेवन किया। तत्पश्चात उन्होंने फिर भोजन किया। गांव से लेकर शहर तक कोई भी घर से नहीं निकला। शहर में नदी व पोखर में स्नान नहीं करने गए तो कुछ को कोरोना संक्रमण तो कुछ को पुलिस के मार से डर लगा रहा। ग्रामीण क्षेत्र में भी लोग घरों में ही रहे। घरों में कुछ लोग इस त्योहार को मनाया। वहीं कुछ लोगों ने इस बार त्योहार नहीं मनाया। कुल मिलाकर इस बार का सतुआन का पर्व फीका ही रहा।

Posted By: Jagran

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