कैमूर। स्थानीय प्रखंड के सभी नौ पंचायत के 15 गांव के सौ किसानों के खेत की मिट्टी जांच के लिए कृषि कार्यालय में लाई गई है। लाई गई मिट्टी प्रयोगशाला में भेज कर जांच कराई जाएगी।

इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी सूर्यकांत प्रसाद ने बताया कि प्रखंड के सभी नौ पंचायत के 15 गांव के किसानों के खेत की मिट्टी का सैंपल लिया गया है। एक गांव से सौ किसानों की यानी कुल 15 सौ किसानों के खेत की मिट्टी की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि रासायनिक खाद के प्रयोग से खेतों की सेहत खराब हो रही है। जिससे बेहतर उत्पादन नहीं हो पाता है। बेहतर खेती व अधिक उत्पादन के लिए मिट्टी का अच्छा होना आवश्यक है। मिट्टी जांच से खेतों की कमी पता चलती है। जिसके उपचार से मिट्टी ठीक कर उसके अनुरूप खेती की जा सकती है। खेतों से मिट्टी का नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच की जाती है। जांच से यह पता लगता है कि नमूना वाले खेत की मिट्टी किस प्रकार की है। अम्लीय है या क्षारीय है। फासफोरस, नाइट्रोजन, पोटाश आदि आवश्यक तत्व है या नहीं है। अगर है तो कितनी मात्रा में है। इसके बाद मिट्टी की कमियों को दूर कर बेहतर उत्पादन पाया जा सकता है। आवश्यक तत्वों की मात्रा की जानकारी मिलने से खेत में खाद की मात्रा आदि डालने का भी पता चलता है। कौन सी खाद किस मात्रा में दी जाए, यह जानकारी किसानों को जांच रिपोर्ट आने के बाद दे दी जाती है।

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