पर्व समाप्त हो गया है। इस मौके पर घर आए लोगों को अपने कार्यस्थल पर लौटने की बेचैनी है। लेकिन ट्रेनों में जगह नहीं मिलने के कारण यात्री निराश हैं। स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ दिखाई दे रही है।ट्रेनों में चढ़ने में मारामारी हो रही है। गेट पर झूल कर लोग यात्रा करने को विवश हैं।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर-गया रेलखंड पर अवस्थित भभुआ रोड स्टेशन से प्रतिदिन 32 जोड़ी ट्रेनें गुजरती हैं। इसके अलावा पर्व को ध्यान में रखकर रेलवे मंत्रालय द्वारा स्पेशल ट्रेनें भी चलाई गई हैं। इसके बावजूद भभुआ रोड स्टेशन के काउंटर से यात्रियों को आरक्षण टिकट नहीं मिल पा रहा है। पर्व के मौके पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड पर कुछ ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। जिसमें मात्र दो साप्ताहिक ट्रेनों का ही भभुआ रोड स्टेशन पर ठहराव है। 27 अक्टूबर व तीन नवंबर को इस रेलखंड पर इन ट्रेनों के परिचालन की तिथि निर्धारित थी। यह समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है। ट्रेनों में वेटिग टिकट भी नहीं मिल रहा है। महाबोधि एक्सप्रेस में चार सौ से अधिक वेटिग टिकट यात्री ले चुके हैं। रेलवे के पदाधिकारियों के मुताबिक नौ नवंबर के बाद ही यात्रियों को वेटिग वाला आरक्षण टिकट मिल पाएगा। यात्रियों की मजबूरी का लाभ दलाल उठा रहे हैं। वे टिकट के निर्धारित किराया से तिगुना चौगुना पैसा लेकर यात्रियों को टिकट बेच रहे हैं। उसमें भी समय लग रहा है। आरक्षण टिकट के लिए भभुआ रोड स्टेशन के टिकट काउंटर पर मध्य रात्रि से ही यात्रियों की कतार लगनी शुरू हो जाती है। इसमें दलालों की भी संख्या कम नहीं होती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग काउंटर के समीप रात भर डेरा डाले रहते हैं। लेकिन जब टिकट लेने की बारी आती है तो उन्हें निराशा हाथ लगती है। यात्रियों के काउंटर तक पहुंचते पहुंचते टिकट का समय खत्म हो जाता है। तत्काल टिकट के लिए 10 से 11 बजे का समय निर्धारित है। भभुआ रोड स्टेशन से प्रतिदिन एक या दो तत्काल टिकट ही निकल पाते हैं। इसमें इंटरनेट कि धीमी स्पीड बाधक बनती है। ऐसे में दूसरे जगह से ऑनलाइन टिकटों की बुकिग हो जाती है। भभुआ रोड स्टेशन पर आरक्षण टिकट के लिए चार काउंटर बनाये गए हैं। लेकिन सिर्फ एक काउंटर से आरक्षण टिकट मिलता है। इसके लिए सुबह आठ बजे से दिन के दो बजे तक का समय निर्धारित है। टिकट बुकिग का समय बढ़ाने के लिए कई वर्षों से यात्री मांग कर रहे हैं। कई मंत्री, सांसद व विधायक से भी यात्रियों ने गुहार लगाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक काउंटर से मात्र छह घंटे में कितना यात्री टिकट ले पाएंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों को मोहनियां आने में ही 10 बज जाता है। ऐसे में उनके पास इतना समय नहीं बचता की वे टिकट ले सकें। टिकट के लिए प्रतिदिन टिकट काउंटर पर यात्रियों में मारामारी होती है। जिससे अफरा-तफरी का माहौल रहता है। रेलवे के आला अधिकारी भी इस समस्या से अवगत हैं लेकिन यात्री सुविधाओं के प्रति वे भी गंभीर नजर नहीं आते हैं। तभी तो भभुआ रोड स्टेशन पर आरक्षण टिकट के लिए मात्र छह घंटे का समय निर्धारित है। मात्र एक काउंटर से टिकट मिलने के कारण यात्रियों की लंबी कतार देखी जाती है।

आरक्षण टिकट का खेल भी अजीब है। मोहनियां में करीब आधा दर्जन ट्रैवल एजेंसियां है। सभी यात्रियों को तत्काल व आरक्षित टिकट दिलाने के लिए हाथ पांव मारती हैं। लेकिन ट्रेनों में जगह नहीं होने के कारण उन्हें भी निराशा हाथ लगती है। कुछ एजेंसी जो अधिक सक्रिय हैं वे मुगलसराय, गया या अन्य स्टेशनों से भी आरक्षण टिकट निकलवाने में कामयाब हो जा रही हैं। लेकिन आम यात्रियों को आरक्षण टिकट के लिए काफी फजीहत उठानी पड़ रही है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर वे घर से अपने काम पर कैसे लौटें। जाहिर है कि कैमूर जिला के बहुत लोग दिल्ली मुंबई के अलावा अन्य राज्यों में सरकारी व गैर सरकारी नौकरी करते हैं। जो दशहरा, दीपावली व छठ के मौके पर अपने घर आए हुए हैं। छुट्टी समाप्त होने के बाद उन्हें काम पर लौटने की मजबूरी है। ट्रेनों में जगह नहीं मिलने के कारण उनके हाथ पैर बंधे हुए हैं। समय से अगर वे नहीं पहुंचते हैं तो तरह तरह की परेशानी उठानी पड़ेगी। तीन घंटे लाइन में खड़ा रहने के बाद भी नहीं मिला टिकट भभुआ रोड स्टेशन पर टिकट लेने आए बेलौड़ी निवासी राजकुमार सिंह ने बताया कि उन्हें वापी जाना है। इसके लिए चार दिनों से आरक्षण टिकट के लिए टिकट काउंटर का चक्कर लगा रहे थे। ट्रेनों में जगह नहीं होने के कारण टिकट नहीं मिल रहा है। मंगलवार को तीन घंटे लाइन में खड़ा रहने के बाद भी टिकट नहीं मिल सका। दुर्गावती थाना क्षेत्र के इशीपुर ग्राम निवासी शशिकांत गुप्ता ने बताया की उन्हें दिल्ली जाना है। महाबोधि एक्सप्रेस में चार सौ से अधिक वोटिग है। जिसके कारण टिकट नहीं मिल पा रहा है। भगवानपुर थाना के कुसडिहरा ग्राम निवासी गोपाल शर्मा लखनऊ जाने के लिए टिकट काउंटर पर खड़े थे। किशुनपुरा निवासी कलिदर साह रत्नागिरी महाराष्ट्र में काम करते हैं। दशहरा के मौके पर घर आए थे। लौटने के लिए ट्रेनों में जगह नहीं होने के करण टिकट नहीं मिलने से चितित हैं। ऐसी ही समस्या अन्य यात्रियों के साथ भी है। -------------------

एक काउंटर से आरक्षण टिकट मिलने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही थी। जिसे देखकर काउंटर की संख्या बढ़ाई गई है। पर्व को लेकर आरक्षण टिकट लेने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इस रेलखंड पर काफी ट्रेनें हैं। इसके बावजूद ट्रेनों में जगह की कमी का यात्रियों को सामना करना पड़ रहा है। मुख्य टिकट सुपरवाइजर बेनी प्रसाद मीणा ने कहा की टिकट काउंटर पर भारी भीड़ होने के कारण विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही है। ट्रेनों में वेटिग टिकट की सीमा निर्धारित है। दो पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन हुआ था। इसकी समय सीमा समाप्त हो गई है।

- संजय पासवान, स्टेशन प्रबंधक ,भभुआ रोड स्टेशन

Posted By: Jagran

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