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कैमूर के रत्नपुरी धाम को मिलेगा पर्यटन स्थल का दर्जा, बिहार सरकार को भेजा गया प्रस्ताव

Published: Fri, 14 Aug 2026 02:47 PM (IST)

रामगढ़ के रत्नपुरी धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। अधिकारियों ने ...और पढ़ें

अधिकारियों का दल। फोटो जागरण

अधिकारियों का दल। फोटो जागरण

HighLights

  1. रत्नपुरी धाम को पर्यटन स्थल बनाने की कवायद शुरू।

  2. अधिकारियों ने धाम का डिजिटल सर्वे कर प्रस्ताव भेजा।

  3. ऐतिहासिक शिव मंदिर और संगम तट प्रमुख आकर्षण।

संवाद सूत्र, रामगढ़। रामगढ़ नगर पंचायत के रत्नपुरी धाम को विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। कुदरा दुर्गावती नदी संगम तट के किनारे अवस्थित इस धाम की कहानी व इतिहास को देखते हुए अधिकारियों का दल यहां पहुंचा।

इसके भौगोलिक स्थिति का भी अध्ययन किया तथा इस धाम में समाधि लिए किसी महान संत की कुटिया स्थल को भी देखा गया और पर्यटन का दर्जा दिलाने के लिए इस ऐतिहासिक स्थल का सर्वे किया गया।

नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल कुमार, बीडीओ विकास कुमार सिंह तथा सीओ विकेश कुमार के अलावा संबंधित विभाग के पदाधिकारी यहां मौजूद रहे। इस रत्न पुरी धाम को पर्यटन का दर्जा दिलाने तथा पर्यटकों को लुभाने के लिए आवश्यक कार्य को अंजाम देने के लिए इस जगह का डिजिटल सर्वे किया गया।

नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि इस धाम का इतिहास बहुत पुराना है। यहां विकास की नई सरंचना खड़ा की जा सकती है। इसके लिए यहां पर्याप्त भूमि भी है।

उन्होंने बताया कि इस धाम में तीन विशालकाय शिव मंदिर तीन मंजिला बना हुआ है। जिसके हर तले पर देवी देवताओं को विराजमान किया गया है। एक मंदिर से तीनों की संपर्क है।

खास बात यह है कि यह रत्न पुरी धाम कुदरा दुर्गावती नदी संगम तट पर अवस्थित हैं। जहां विकास की असीम संभावनाएं हैं। केवल इसपर पहल की जरूरत थी।

पर्यटन का दर्जा दिलाने के लिए भेजा प्रपेाजल

बंदीपुर रत्नपुरी धाम को भले ही अभी विकास की दरकार है। लेकिन इसे पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए अधिकारियों की नजर यहां पड़ गई है। नगर पंचायत क्षेत्र में होने के कारण इस धाम के विकास के लिए डिजिटल सर्वे कर प्रपोजल बनाया गया है तथा इसको पर्यटन का दर्जा प्राप्त हो ऐसी संभावनाएं के बीच इसका प्रपोजल सरकार को भेजा गया।

पूरी तरह चारदीवारी से सुरक्षित इस धाम में अनेकों प्रजाति के पेड़ पौधे लगे हैं। यहां आते ही लोग सुकून महसूस करते हैं। जिसके विकास के लिए अब खाका खींचा गया है।

रत्नपुरी स्मारक को भी दिया जाएगा भव्य रुप

रामगढ़ के रत्न पुरी धाम में मिटते रत्न पुरी स्मारक को नया आयाम देने के लिए नगर पंचायत ने इसका खाका तैयार कर लिया है। जिसपर करोड़ों रुपये खर्च होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

इस धाम में चारों तरफ इस धाम के इतिहास से संबंधित धरोहर को भी स्थापित किया जाएगा। ताकि आने वाले पर्यटक इस धाम इतिहास व पुराण की जानकारी ले सकें।

खेलकूद के साथ नेशनल कुश्ती व मेले का होता है आयोजन

बंदीपुर रत्नपुरी धाम में प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि पर्व के दिन शिव तांडव के साथ झांकियां निकाली जाती है। धाम के सरंक्षक 1008 चंद्रगिरी महाराज उर्फ मौनिया बाबा के मौजूदगी में होता है।

यहां मेले में कई तरह के झूले व प्रदर्शनी लगाई जाती है। धाम में ही नेशनल कुश्ती महिला व पुरुष पहलवान का होता है। जो आकर्षण का केंद्र बनता है। यहां हर दिशा में कार्य करने व धाम के इतिहास को दर्शाते हुए इसका विकास करना है।

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