बीते माह में रामगढ़ में हुए बवाल में शामिल उपद्रवियों की पुलिस अब भी तलाश कर रही है। अब तक पुलिस कुछ उपद्रवियों को पकड़ने में कामयाब भी हुई है। लेकिन गुरुवार की तड़के रामगढ़ थाने पर उपद्रव मामले के आरोपी को अकोढ़ी गांव में पकड़ने के लिए पुलिस ने छापेमारी की। इंस्पेक्टर थानाध्यक्ष सर्देन्दु शरद दो सेक्शन फोर्स को लेकर अजा बस्ती में पहुंच कर आरोपी रामधनी राम को दबोच लिया। लेकिन उसे उसके घर से पुलिस जीप में ले आने के दौरान काफी फजीहत उठानी पड़ी। बस्ती के महिला पुरुष उसी वक्त ईंट पत्थर लेकर पुहंचे। पुलिस से उलझ कर उपद्रवी को छुड़ाने में कामयाब भी हो गए। दो सेक्शन पुलिस बल के जवान उपद्रवी को निकल भागते देखते रह गए। लेकिन आगे बढ़ने की कोशिश करना मुनासिब नहीं समझे। एक तरह से कहा जाए कि पुलिस ईंट पत्थर लेकर विरोध कर रहे लोगों से भागने में ही अपनी भलाई समझी। बता दें कि बीते 18 जनवरी को छात्रा की मौत के बाद रामगढ़ थाने को आग के हवाले उपद्रवियों ने कर दिया था। इस उपद्रव में डीएसपी, मेजर सहित 16 पुलिस कर्मी घायल हुए थे। थाने पर तीन बार उपद्रवियों ने हमला बोल सभी गाड़ियों सहित पूरे थाना के मालखाना व दस्तावेज को जला दिया था। जिसमें दो सौ नामजद व काफी संख्या में अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। इसी कांड के आरोपित को पुलिस गुप्त सूचना के आधार पर दबोचने के लिए अकोढ़ी गांव गई थी। इस संबंध में पूछे जाने पर थानाध्यक्ष सर्देन्दु शरद ने बताया कि पुलिस के चंगुल से आरोपित को छुड़ाने के लिए बस्ती के लोग ईंट पत्थर लिए पहुंच गए। जिसका फायदा उठाकर रामधनी राम भाग निकला। दूसरी कार्रवाई के लिए वरीय पुलिस पदाधिकारी को सूचित किया गया है। बता दें कि राज्य के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कुछ दिन पहले यह कहा था कि अपराधी व बदमाश भागते फिरेंगे और पुलिस खदेड़ती नजर आएगी। एक गोली बदमाश चलाएगा तो पुलिस की अनगिनत गोली चलेगी। यह बात रामगढ़ में बिल्कुल उलटा नजर आ रही है। गुरुवार की तड़के रामगढ़ पुलिस के साथ भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखा।

Posted By: Jagran