जिला परिवहन विभाग वाहन चालकों के लिए ड्रेस का निर्धारण काफी पूर्व में ही कर चुका है। इस नियम को लागू कराने के लिए शुरुआती दौर में कुछ दिनों तक विभाग सतर्क दिखा। इसके चलते कुछ वाहन चालक अपने ड्रेस में नजर आए। लेकिन जैसे-जैसे विभाग सुस्त होते गया, चालक नियमों की अनदेखी करते गए। कुछ माह पूर्व बिहार में नया मोटर अधिनियम भी लागू हो गया है। इसके बाद जिला परिवहन विभाग लगातार सड़कों पर जांच अभियान चला रहा है। इसमें हेलमेट , सीट बेल्ट , कागजात आदि की जांच की जा रही है। लेकिन वाहन चालकों के ड्रेस को विभाग भी भूल गया है। जबकि पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार सभी तरह के वाहन चालकों के लिए ड्रेस का निर्धारण किया गया था। लेकिन यह नियम फाइलों में ही गुम हो गया। इसके चलते भभुआ नगर सहित सभी प्रखंडों में चलने वाले वाहन के चालक बिना ड्रेस के ही वाहन चला रहे हैं। यह नियम खास कर स्कूली वाहन, ई-रिक्शा आदि के लिए लगाया गया था। लेकिन इस दोनों तरह के वाहनों के चालक सबसे अधिक परिवहन विभाग के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इसमें ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से तो आमलोग भी परेशान हैं। ई-रिक्शा चालक परिवहन विभाग के नियमों की अनदेखी करने के साथ-साथ यातायात नियमों को भी नहीं मान रहे। जहां मन वहां ई-रिक्शा खड़ा कर सवारी उतारने व बैठाने का काम पूरे दिन बाजार में कर रहे हैं। इसके चलते नगर के मुख्य सड़क पर जगह-जगह जाम की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। नगर में कहीं भी ट्रैफिक पुलिस की नियुक्ति नहीं है। इसके चलते इनके मनमानी को रोकने वाला सिर्फ परिवहन विभाग ही है। लेकिन परिवहन विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। इसके चलते इनका मनोबल और बढ़ता जा रहा है।

Posted By: Jagran

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