कैमूर। कोरोना महामारी के संकट के दौर में दवा दुकानदार अवसर तलाश रहे हैं। मरीजों को एक्सपायरी दवाएं बेचकर उनके जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। ठंडे तापमान में रखी जाने वाली दवाओं को खराब फ्रीज में रखा जाता है। दवाएं कहां से खरीद कर मंगाई गई हैं इससे संबंधित कागजात भी नहीं हैं। इसके बाद भी मोहनियां में धड़ल्ले से ऐसी दवा दुकानें चल रही हैं। दवा दुकानों में इस तरह की गड़बड़ी की जांच के लिए डीएम द्वारा अनुमंडल स्तरीय टीम गठित की गई है।

मोहनियां अनुमंडल क्षेत्र की दवा दुकानों के जांच की जिम्मेदारी एएसडीएम संजीत कुमार को सौंपी गई है। उन्होंने सोमवार को मोहनियां स्टेशन रोड में अवस्थित शम्भू मेडिकल हाल में छापेमारी की। जिसमें काफी गड़बड़ी मिली। जिसे देख जांच टीम दंग रह गई। जांच दल में सहायक औषधि निरीक्षक इन्द्रशेखर यादव व पुलिस निरीक्षक इंतखाब अहमद शामिल थे।

एएसडीएम ने बताया की जांच के दौरान शम्भू मेडिकल हाल में काफी एक्सपायरी दवाएं मिली। जिसे मरीजों को बेचा गया होगा। बहुत से ऐसे इंजेक्शन हैं जिन्हें ठंडे तापमान में रखना है। इसके लिए फ्रीज जरूरी है। यहां रखा फ्रीज खराब था। उसी में दिखावे के लिए इंजेक्शन व दवाएं रखी गयी थीं। ऐसी दवाओं के सेवन से मरीजों के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ सकता है। मानवता को ताक पर रखकर दुकानदार द्वारा मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जांच में कई ऐसी दवाएं मिलीं जिनको कहां से खरीदा गया है इसकी जानकारी नहीं मिली। इससे संबंधित खरीद का बिल दुकान में नहीं था। कई ऐसी दवाएं मिलीं जिनके बारे में यह पता नहीं चला की वे कहां की और किस कंपनी में बनी हैं। इससे जाहिर होता है की यहां दवा की कालाबाजारी के साथ नकली दवाएं बेची जा रहीं हैं। ऐसी दवाओं को जब्त कर दवा दुकान को सील कर दिया गया।

दवा की कालाबाजारी को लेकर प्रशासन सतर्क

कोरोना काल में दवा की कालाबाजारी को ध्यान में रखकर सरकार सतर्क है। सरकार के निर्देश पर डीएम नवदीप शुक्ला द्वारा मोहनियां व भभुआ अनुमंडल क्षेत्र के दवा दुकानों की जांच के लिए टीम गठित की गई है। गुप्त सूचना मिली की मोहनियां स्टेशन रोड में अवस्थित शम्भू मेडिकल हाल में काफी गड़बड़ी हो रही है। जिसपर सोमवार को दुकान में छापेमारी की गई। गड़बड़ी मिलने पर दुकान को सील कर दिया गया है। कागजात और दवाओं की जांच की जा रही है।