कैमूर। कोरोना से बचाने के लिए लॉकडाउन है। लोग अपने घरों में बैठे हैं और सभी तरह का काम ठप है। इसके अलावा गरीब व असहाय लोगों के साथ संपन्न लोगों के सामने भी कई तरह की समस्या उत्पन्न हो गई है लेकिन लॉकडाउन के बावजूद देश में कोरोना के संक्रमित व संदिग्ध लोगों की संख्या बढ़ रही है। जो चिता का विषय है। इसे देखते हुए कई राज्य की सरकार लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर विचार कर रही है। इसमें बिहार राज्य भी शामिल हैं। फिर भी पूर्व निर्धारित तिथि के अनुसार 14 अप्रैल को लॉकडाउन की अवधि समाप्त हो रही है। इसको लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चा हो रही है। यदि लॉकडाउन अचानक हटता है तो लोग इसे काफी खतरनाक मान रहे हैं। क्योंकि 21 दिनों तक अपने घर में रहे लोग अपने-अपने कार्य को लेकर बाहर निकले। इस दौरान शारीरिक दूरी बनाने का सुझाव कोई नहीं मानेगा। यदि प्रशासन सख्त भी हुआ तो कहां-कहां संभालेगा। ऐसे में गंभीर स्थिति भी हो सकती है। ऐसे में कुछ पाबंदी लगाते हुए लॉकडाउन हटाने के पक्ष में अधिसंख्य लोग हैं। क्या कहते हैं लोग-

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राजन सिंह- कोरोना से लोगों को बचाने के लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन का निर्णय काफी कारगर रहा। इसे अचानक हटाना खतरे से खाली नहीं होगा। क्योंकि सभी तरह की जागरूकता के बाद लोग मानेंगे नहीं। लॉकडाउन हटते ही सभी लोग अपने-अपने घरों से निकल कर सड़क पर आ जाएंगे और शारीरिक दूरी का अनुपालन भी नहीं करेंगे। इससे कोरोना संक्रमण के बढ़ने की संभावना अधिक हो जाएगी।

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विकास पांडेय - लॉकडाउन के चलते परेशानी तो है ही। सभी तरह के लोग परेशान हैं। लेकिन सरकार के सामने इसके अलावा कोई दूसरा उपाय भी नहीं है। क्योंकि अब तक इस कोरोना का कोई इलाज नहीं मिल सका। यदि अचानक लॉकडाउन हटाया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके लिए लॉकडाउन हटे भी तो बहुत कुछ पाबंदी होनी चाहिए।

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अनिल सिंह - यदि लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार लॉकडाउन हटाती है तो पहले इसके लिए बहुत रणनीति बनानी होगी। ताकि लॉकडाउन हटने के बाद भी लोग एक जगह जुट न पाए। साथ ही कुछ जगहों को अभी दो-तीन माह तक चालू नहीं करना चाहिए। इसमें सब्जी मंडी, खेल मैदान, सिनेमा हाल, स्कूल, कॉलेज आदि को शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

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संतोष सिंह- लॉकडाउन हटाना बहुत सही नहीं होगा। बल्कि लॉकडाउन के दौरान घरों में बैठे लोगों को उनके जरूरत के सामान उपलब्ध करा कर कुछ दिन लॉकडाउन बढ़ाना चाहिए। यदि लॉकडाउन हटाया भी जाए तो सबसे पहले ट्रेन, बस, सवारी वाहन पर कोई ठोस कदम उठाया जाए। क्योंकि लॉकडाउन हटेगा तो लोग अपने काम से इधर-उधर जाने लगेंगे। इस दौरान वाहनों में शारीरिक दूरी का अनुपालन न लोग करेंगे और न ही बस संचालक कराएंगे। ऐसे में स्थिति गंभीर हो सकती है।

Posted By: Jagran

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