कैमूर। कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी के संकट में जरूरतमंदों तक खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध है। खाद्यान्न उपलब्ध कराने में सहायक सहकारिता विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी को तैयार रहना है। मंगलवार को सहकारिता विभाग की सचिव वंदना प्रेयसी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से मिलरों से सीएमआर जमा होने की जानकारी के अलावा जिले में अब तक की गई गेहूं खरीदारी की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सचिव ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद्यान्न को लेकर अधिक से अधिक गेहूं की खरीदारी की जाए। साथ ही सीएमआर जमा कराने में भी तेजी लाए जाने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

जिला सहकारिता पदाधिकारी रामाश्रय राम ने बताया कि कैमूर जिले में अब तक 47 प्रतिशत सीएमआर को जमा करा लिया गया है। सीएमआर जमा कराने की धीमी गति के संबंध में उन्होंने बताया कि गत वर्ष अब तक साढे सात हजार सीएमआर जमा करने का कार्य पूरा कर लिया गया था। लेकिन इस वर्ष अभी तक पांच लाख 74 हजार एमटी जमा हो पाया है। उन्होंने कहा कि जिले में राज्य खाद्य निगम के गोदाम नहीं होने के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है। जिससे सीएमआर जमा कराने में विभाग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि तीन लाख 20 हजार क्षमता का गोदाम है। जबकि जिला को डेढ गुना अधिक का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि 1925 रुपये प्रति क्विटल गेहूं की खरीदारी की जा रही है।

बता दें कि यदि सीएमआर मई तक जमा कराने का कार्य पूर्ण नहीं किया गया तो जून माह में बरसात होने के कारण सीएमआर जमा कराने में विभाग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिले में गोदाम के अभाव में विभाग को सीएमआर जमा कराने में परेशानी का सामना हर वर्ष करने की बात सामने आ रही है।

Posted By: Jagran

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