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भारतमाला परियोजना: कैमूर में भूमि अधिग्रहण मुआवजा 100 करोड़ पार, विकास को मिलेगी गति

Published: Fri, 09 Jan 2026 04:52 PM (IST)

कैमूर जिले में भारतमाला परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के भुगतान पर नई रिपोर्ट आई है। अब तक ...और पढ़ें

भारतमाला परियोजना में अब तक सौ करोड़ से अधिक का हुआ भुगतान (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारतमाला परियोजना में अब तक सौ करोड़ से अधिक का हुआ भुगतान (प्रतीकात्मक तस्वीर)

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जागरण संवाददाता, भभुआ। बिहार के कैमूर जिले में भारतमाला परियोजना (बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे) के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और मुआवजे के भुगतान को लेकर ताजा आंकड़े सामने आए हैं। नौ जनवरी तक की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कुल 806 आवेदनों पर कार्यवाही की जा रही है, जिसके तहत एक अरब 25 करोड़ 09 लाख 43 हजार 581 रुपये की कुल राशि का विवरण तैयार किया गया है।

अब तक 665 रैयतों के बैंक खातों में 100.93 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी जा चुकी है। इसमें सबसे अधिक भुगतान पैकेज-दो के तहत 80.99 करोड़ रुपये का हुआ है। जीएम स्तर पर 36 आवेदन का 6.25 करोड़, पीडी स्तर पर सात आवेदन का .92 करोड़ रुपये लंबित है।

इसके अलावा खाता सत्यापन के आठ आवेदन, सीसी वाउचर निर्माण और सत्यापन के कुल 69 आवेदन प्रक्रिया में हैं। जिनकी कुल राशि लगभग 13.86 करोड़ रुपये है। बता दें कि भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह सिक्स-लेन एक्सप्रेस-वे कैमूर जिले के विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

इससे वाराणसी से कोलकाता की दूरी और समय में भारी कमी आएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द भुगतान कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया जाए, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरविन्द कुमार ने सभी रैयतों से अपील किया है कि रैयत अपना आवेदन और दस्तावेज जिला भू-अर्जन कार्यालय कैमूर में जल्द से जल्द जमा कर दें, ताकि सभी रैयतों को शीघ्र भुगतान किया जा सके। साथ ही भुगतान में कोई समस्या आ रही हो तो जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से सभी दस्तावेज के साथ स्वयं संपर्क कर सकते हैं।

बता दें कि जिले के पांच अंचलों चांद, चैनपुर, भगवानपुर, रामपुर व भभुआ से होकर एक्सप्रेस वे का निर्माण हो रहा है। इस एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहित भूमि के अधीन रैयतों को मुआवजा भुगतान के लिए पांचों अंचलों में शिविर भी लगाया जा रहा है। ताकि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके।