प्रदेश विधान सभा के आंतरिक संसाधन सह केंद्रीय सहायता समिति की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। समिति के सभापति यदुवंश कुमार यादव ने सदर अस्पताल के ओपीडी का निरीक्षण करने के दौरान मरीजों के इलाज व चिकित्सकों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। साथ ही अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के संबंध में पूछताछ किया। ओपीडी से निकलते समय भवन पर उगे पीपल के पौधे पर निगाह जाने पर उन्होंने साथ चल रहे सीएस मिथिलेश झा से तत्काल उसे हटवाने को कहा। उन्होंने सदर अस्पताल के बोर्ड में गड़बड़ी देख उसे ठीक कराने का निर्देश देते हुए सफाई व्यवस्था चुस्त रखने का निर्देश दिया। एसएनसीयू के निरीक्षण में उन्होंने व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि नया जिला है संसाधनों की कमी है। अस्पताल में चिकित्सकों व सहायक कर्मियो की कमी है। इस संबंध में सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। समिति संसाधनों के बावजूद विकास कार्य हुए है। उन्होंने कहा कि विडंबना है कि मद्य निषेध कानून लागू होने के तीन वर्ष बाद भी पुलिस व उत्पाद विभाग शराब बरामद करने व उसे विनिष्ट करने में लगा है। जबकि कानून बनाने की मंशा शराब न कही बिक्री हो और न कोई शराब पीते पकड़ा जाए। इसके लिए समुचित रूप से जागरूकता का माहौल बनाकर शराब मुक्त जिला बनाने की पहल करनी चाहिए। जिले में नहरें पानी देने में सक्षम है किसानों को पानी भी मिल रहा है। लेकिन लगान वसूली की हालत बेहतर नहीं है। नगर परिषद व नगर पंचायत हो¨ल्डग टैक्स व अन्य आंतरिक राजस्व की वसूली न कर सिर्फ केंद्रांश व राज्यांश की राशि के सहारे कार्य कर रहे है। समिति में विधायक राजकुमार राय, मो. आफाक व सभापति के पीएस अभय कुमार शामिल थे।

Posted By: Jagran

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