कैमूर। बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की जिला इकाई ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घर व कार्यालय में पोस्टर पर नारा लिखकर सरकार से मांग की। भभुआ वार्ड नंबर 23 स्थित भाकपा माले जिला कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ कैमूर के अध्यक्ष मो. एकबाल इद्रीसी ने कहा कि सरकार के द्वारा कोरोना काल में आशा कार्यकर्ताओं से काम लिया जा रहा है। लेकिन उनकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं दी जाती है। मांग करने पर लिपिक व अधिकारी हटाने की धमकी देते हैं। पारिश्रमिक की बकाया राशि भी समय पर नहीं मिलती है। राशि भुगतान पर भी पैसा काट लिया जाता है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि कोरोना काल में दस हजार रुपए प्रति माह या फिर पांच सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भत्ता दिया जाए। जिस आशा फैसिलेटर की मृत्यु हुई है उन्हें बिहार सरकार चार लाख रुपए व केंद्र सरकार के द्वारा पचास लाख रुपए की सहायता राशि दी जाए। आशा फैसिलेटर को दस लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा सरकार सुनिश्चित करे। पारितोषिक के बकाया राशि का भुगतान जल्द किया जाए ताकि उनके परिवार को भूखमरी से बचाया जा सके। अन्य बकाया राशि का भी भुगतान जल्द किया जाए। काम में तभी लगेंगी जब पीपीइ किट और वाहन रहित सुरक्षा बल मुहैया कराया जाएगा। लॉकडाउन में सभी जगह काम बंद है सभी जगह भूखमरी है, इसलिए सभी बकाया राशि अविलंब भुगतान किया जाए।

कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक मोरध्वज सिंह, बेबी देवी, समशा बीबी, संगीता देवी, कपिलदेव राम, उर्मिला देवी, शकुंतला देवी, आकांक्षा कुमारी आदि ने भाग लिया।