कैमूर। जिले को हरा भरा बनाने व पर्यावरण संरक्षण को लेकर अधिक से अधिक पौधारोपण करने की कवायद शुरू कर दी गई है। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत वन प्रमंडल कैमूर द्वारा जिला मुख्यालय भभुआ में स्थाई व चलंत पौधा बिक्री केंद्र की स्थापना की गई है। जिला मुख्यालय के समाहरणालय पर स्थाई पौधा बिक्री केंद्र की स्थापना हुई है, जहां पर वन विभाग आम लोगों को 10 रुपए प्रति पौध की दर से पौधा उपलब्ध करा रहा है। पौधा बिक्री केंद्र पर मौजूद संरक्षी संजुला कुमारी व वन्य जीव जंतु रक्षक मोहन कुमार द्वारा बताया गया कि यह पौधशाला कई दिनों से संचालित है। अब तक इस पौधशाला के माध्यम से करीब 450 पौधों की बिक्री की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि विभाग के वरीय पदाधिकारियों की देखरेख में प्रखंड मुख्यालयों पर भी विभाग द्वारा पौधा निर्धारित दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बता दें कि कैमूर जिले को हरा भरा बनाने के लिए वन प्रमंडल भभुआ द्वारा पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निर्देशानुसार अधिक से अधिक पौधारोपण कराने के लिए लोगों के बीच निर्धारित दर पर पौधा उपलब्ध करा रहा है। ताकि लोग अधिक से अधिक पौधारोपण करें। साथ ही इस अभियान में ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ कर अपने आसपास के क्षेत्र को हरित वातावरण के रूप में विकसित करें। वन विभाग द्वारा किसानों के साथ साथ अन्य लोगों को भी निर्धारित शुल्क अदा कर पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि पर्यावरण को पूरी तरह से संरक्षित कर वातावरण को बेहतर बनाया जा सके।

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पांच चलंत पौधा विक्रय केंद्र से लोगों को कराया जा रहा है पौधा उपलब्ध

संस, भभुआ: जिला में एक जुलाई से लेकर बिहार पृथ्वी दिवस तक पौधरोपण अभियान चलेगा। इसके लिए लगातार कई विभाग काम करते हुए पौधरोपण कर रहे है। वन विभाग भी पौधरोपण अभियान में भाग लेते हुए पौधा लगा रहा है। इसी क्रम में लोगों को सस्ते दर पर तथा उनके स्थल पर ही पौधा उपलब्ध कराने का भी काम कर रहा है।

डीएफओ विकास अहलावत ने बताया कि जिला मुख्यालय के बगल में समाहरणालय के सामने एक स्थाई पौधा विक्रय केंद्र खोला गया है। इसके अलावा एक मोहनियां रेंज क्षेत्र में, दो भभुआ रेंज क्षेत्र में, एक अधौरा तथा एक चैनपुर रेंज क्षेत्र में चलंत पौधा विक्रय केंद्र भेजा जाता है। जहां वाहन से पौधा ग्रामीण क्षेत्र में उपलब्ध कराया जाता है। कोई भी व्यक्ति 10 रुपये देकर कोई पौधा ले सकेगा। कृषि वानिकी योजना के लिए आवेदन कर के भी पौधा लिया जा सकता है।

Edited By: Jagran