जिले के कई विद्यालयों में एमडीएम बनाने से लेकर बच्चों को खिलाने तक कि हालत काफी खराब है। जिसका प्रमाण भी जिले के कई विद्यालयों से सामने आ रहा है। जिले में भभुआ प्रखंड के इटाढ़ी गांव में पूर्व के दिनों में डीपीओ एमडीएम तथा भभुआ प्रखंड की बीईओ ने अलग अलग दिन जांच किया था। जिसमें एमडीएम में अनियमितता देखी गई थी। इसको लेकर डीपीओ ने बीईओ को कहा कि उत्क्रमित विद्यालय का प्रधानाध्यापक को प्रभार हटाकर किसी वरीय शिक्षक को दिया जाए। जिससे की एमडीएम सुचारू रूप से चल सके। उसके आलोक में बीईओ ने पत्र लिखकर वरीय शिक्षक को एचएम बनाने की बात कही। एचएम ने डीईओ को पत्र लिखकर कहा है कि 2016 में ही एचएम बनाया गया था। उसके बाद से मुझे प्रोन्नति के हिसाब से भी एचएम बनना है तो कनीय शिक्षक को प्रभार देना गलत बात है। साथ ही एचएम ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। वहीं बीईओ मालती नगीना ने बताया कि उनके द्वारा बीते 25 दिसंबर को इटाढ़ी विद्यालय का भ्रमण किया गया तो पाया कि विद्यालय में उपस्थिति कम थी, मेनू के अनुसार उस दिन छोला पूलाव अंडा, फल, सलाद दिया जाना था। लेकिन सफेद चना की जगह काला चना की सब्जी बनवाई गई थी। बच्चों की उपस्थिति के अनुसार चना भी कम था। विद्यालय में अंडा या फल नहीं मिला। निरीक्षण के क्रम में मशाला, एक रूपये वाली की दो पुड़िया तथा तेल कम पाया गया। रसोईयां तथा बच्चों ने बताया कि कभी कभार अंडा आता है। रसोईयों ने बताया कि भोजन बिना स्वाद का रहता है क्योंकि समान कि कमी है। रसोईयों ने बताया कि 200 बच्चों में तीन पाव चावल बनाने के लिए दिया जाता है। इसको लेकर बीईओ ने प्रभारी प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए विभाग को सूचित किया है। आगे की कार्रवाई के लिए विभाग को पत्र लिखा है।

Posted By: Jagran

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