जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक जिले में की गई धान खरीदारी की समीक्षा किया। समीक्षा के क्रम में उन्होंने निर्देश दिया कि निबंधित किसानों का धान क्रय करने के साथ-साथ धान क्रय में पूरी पारदर्शिता के साथ-साथ छोटे व मझोले किसानों की धान खरीदारी में प्राथमिकता दी जाए। निबंधित किसानों का धान खरीदा जाए। बैठक में डीएम ने किसानों के धान क्रय किए जाने की पारदर्शिता की जांच को ले रेंड माइजेशन विधि से वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर जांच कराए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जांच के क्रम में पैक्स के माध्यम से अब तक खरीदे गए धान, धान का भंडारण, गोदाम का भौतिक सत्यापन, एसएफसी को दिए गए सीएमआर के रूप में चावल, मिलों को दिए गए धान संबंधित विभिन्न ¨बदुओं की जांच करेंगे। इसके अलावा गोदाम में रखे गए धान के अलावा अन्य ¨बदुओं की भी जांच करने का निर्देश दिया। जांच के दौरान प्रतिनियुक्त वरीय पदाधिकारियों के साथ संबंधित बीसीओ भी साथ रहेंगे। रेंड माइजेशन विधि से प्रतिनियुक्त हुए पदाधिकारी को किस पैक्स की जांच करनी है यह उसे जांच के दिन ही ज्ञात हो सकेगा। इसके अलावा सभी पैक्सो के निरीक्षण के लिए बीसीओ को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक सप्ताह पैक्सो का निरीक्षण कर उसकी जांच रिपोर्ट डीसीओ को सौंपेंगे। बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी रामाश्रय राम ने बताया कि जिले में 1.50 हजार एमटी लक्ष्य के आलोक में 56178 एमटी धान की खरीदारी की जा चुकी है। इसके अलावा एक लाख 59 हजार सीएमआर को भी जमा करने की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने कहा कि आनलाइन निबंधित किसानों का धान की खरीदारी की जा रही है। बैठक में प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों के अलावा अन्य वरीय पदाधिकारी शामिल हुए।

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