श्रम संसाधन विभाग जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। विभाग द्वारा बीते 26 जनवरी को नगर परिषद क्षेत्र भभुआ को बाल श्रम मुक्त कराने का कार्य पूर्ण कर लिया है। विमुक्त बाल श्रमिकों के भविष्य को संवारने के लिए गया के आवासीय विद्यालय में पुनर्वास करा कर शिक्षित बनाने की दिशा में कवायद की जा रही है। जिले में अब तक 14 बाल श्रमिकों को मुक्त कराने की बात विभाग द्वारा बताई गई। इस संबंध में बताते हुए श्रम अधीक्षक रोहित कुमार ने बताया कि जिले में चलाए गए अभियान के अंतर्गत अब तक 14 बाल श्रमिकों को विभिन्न दुकानों, होटलों व गैराज से विमुक्त कराया गया है। इन बाल श्रमिकों को उनके अभिभावकों की सहमति पर गया स्थित आवासीय विद्यालय में पठन-पाठन व कौशल विकास को ले नामांकित कराया जाएगा। ताकि बच्चे अपने भविष्य को संवार सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जिले के भभुआ प्रखंड क्षेत्र को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू की गई है। इस दिशा को सकारात्मक बनाने की दिशा में सभी विभागों के पदाधिकारियों का आपेक्षित सहयोग लिया जाएगा। ताकि प्रखंड को पूरी तरह से बाल श्रमिक मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि बाल श्रमिकों से काम लेने वालों के विरुद्ध 50 हजार रुपये का जुर्माना व दो साल तक की सजा का प्रावधान भी निहित है। उन्होंने बाल श्रमिक के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि 14 साल से कम आयु वर्ग के बच्चों से काम लेने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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