बिहार  कराधान विवाद समाधान योजना   2019 के तहत वाणिज्य कर विभाग द्वारा व्यवसायियों के पुराने बकाए को समाप्त करने की व्यवस्था की गई है। इस योजना के तहत पेनाल्टी की राशि का दस प्रतिशत और अधिरोपित कर का 35 प्रतिशत जमा कर व्यवसायी नो ड्यूज करा सकते हैं। जीएसटी लागू होने से पूर्व वाणिज्य कर विभाग के सभी पुराने अधिनियमों  के अधीन निबंधित व अनिबंधित  व्यवसायियों के बकायों के विवाद को समाप्त करने के लिए आसान एवं सुविधाजनक योजना प्रारंभ की गई है। जिसमें शामिल होने के लिए बकाएदारों को 25 मार्च तक आवेदन करना होगा। रविवार को मोहनिया के कैमूर बिहार होटल में वाणिज्य कर विभाग द्वारा शिविर लगाया गया। जिसमें उपस्थित व्यवसायियों को इस योजना से संबंधित जानकारी दी गई। बकाएदारों से आवेदन लिया गया। वाणिज्य कर विभाग के राज्य कर सहायक आयुक्त ज्ञानदेव प्रभाकर और चंद शेखर सिंह ने बताया कि दो दिन से जिले में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 15 फरवरी को रामगढ़ व कुदरा में लगे शिविर में 74 और 16 फरवरी को मोहनियां व भभुआ में लगे शिविर में 125 व्यवसायियों के आवेदन प्राप्त हुए। बिहार कराधान विवाद  समाधान योजना से व्यवसायियों को बकाए से मुक्ति मिलेगी। सरकार को राजस्व प्राप्ति भी होगी। शिविर के अलावा बकायेदार वाणिज्य कर विभाग कैमूर भभुआ के कार्यालय में भी संपर्क कर आवेदन दे सकते हैं। इस योजना का पूरे जिले में व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं। ई-रिक्शा से जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्र से इस योजना की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। जो भी व्यवसायी पुराने बकाये की समस्या से परेशान हैं उनके लिए यह सुनहरा अवसर है। इस योजना में व्यवसायी एकमुश्त समाधान की राशि जमा कर पुराने बकायों को समाप्त करा सकते हैं।

Posted By: Jagran

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