बिहार: 125 यूनिट फ्री बिजली के बाद भी अगस्त के बिल ने बढ़ाई चिंता, विभाग ने बताया क्यों कटा है फिक्स्ड चार्ज
125 यूनिट मुफ्त बिजली के बावजूद अगस्त में अधिक बिल आने से उपभोक्ता हैरान हैं। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया ...और पढ़ें

125 यूनिट मुफ्त बिजली के बाद भी अगस्त के बिल में आई बढ़ोतरी (AI Generated Image)
HighLights
अगस्त के बिल में जून-जुलाई के लंबित फिक्स्ड चार्ज का समायोजन।
125 यूनिट तक बिजली खपत पर ऊर्जा शुल्क में पूर्ण अनुदान।
बिल में गड़बड़ी होने पर 1912 पर शिकायत दर्ज करें।
जागरण संवाददाता, भभुआ। 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलने के बावजूद अगस्त महीने का बिजली बिल देखकर कई घरेलू उपभोक्ता हैरान रह गए। स्मार्ट प्रीपेड मीटर (Bihar Smart Meter) में सामान्य से अधिक राशि कटने या बिल में अधिक देय राशि दिखाई देने के बाद उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बन गई।
अब इसको लेकर विद्युत विभाग ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि अगस्त के बिल में जून और जुलाई माह का लंबित फिक्स्ड चार्ज भी समायोजित किया गया है। यह कोई अतिरिक्त या नया शुल्क नहीं है, बल्कि पूर्व अवधि की लंबित राशि की कटौती है।
मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को जुलाई 2025 से प्रत्येक माह 125 यूनिट तक बिजली खपत पर ऊर्जा शुल्क में पूर्ण अनुदान दिया जा रहा है।
हालांकि, बिलिंग व्यवस्था में तकनीकी बदलाव के दौरान कुछ उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर खातों से फिक्स्ड चार्ज की राशि समय पर नहीं कट सकी। बाद में तकनीकी प्रक्रिया दुरुस्त होने के बाद यह राशि अगस्त 2026 के बिल में समायोजित कर दी गई।
विद्युत कार्यपालक अभियंता भभुआ ई. शशिकांत कुमार ने बताया कि बिलिंग व्यवस्था को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए नया साफ्टवेयर आरएमएस लागू की गई है। आरएमएस लागू होने के बाद बिलिंग प्रक्रिया में तकनीकी स्तर पर कई सुधार किए जा रहे हैं।
इसी दौरान जून और जुलाई में कुछ उपभोक्ताओं के फिक्स्ड चार्ज की राशि स्मार्ट प्रीपेड मीटर खाते से समय पर नहीं कट सकी थी। जून और जुलाई 2026 में वैसे शहरी घरेलू उपभोक्ता, जिनकी मासिक बिजली खपत 125 यूनिट से अधिक थी, उनके मीटर खातों में फिक्स्ड चार्ज की राशि तकनीकी कारणों से लंबित रह गई थी।
अगस्त में व्यवस्था सामान्य होने के बाद दोनों महीनों की लंबित राशि एक साथ समायोजित की गई। इसी वजह से कुछ उपभोक्ताओं को अगस्त में सामान्य से अधिक राशि कटती हुई दिखाई दे रही है। साथ ही तकनीकी समस्या के कारण किसी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन विच्छेदित नहीं किया गया।
अगस्त के बिल में अधिक राशि देखकर उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। बिल में दिखाई दे रही अतिरिक्त राशि पूर्व अवधि के लंबित फिक्स्ड चार्ज से संबंधित हो सकती है।
125 यूनिट पार करते ही देना होगा बिल
स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को महीने की पहली तारीख से 125 यूनिट तक बिजली खपत पर ऊर्जा शुल्क में अनुदान का लाभ मिलता है। जैसे ही किसी उपभोक्ता की खपत 125 यूनिट से अधिक होती है, उसके बाद नियमानुसार शेष बिजली खपत पर ऊर्जा शुल्क और फिक्स्ड चार्ज लागू होता है।
ऐसे में जिन उपभोक्ताओं की बिजली खपत 125 यूनिट से अधिक है, उन्हें अपने स्मार्ट मीटर में उपलब्ध बैलेंस और महीने में हुई कुल खपत पर नियमित नजर रखने की जरूरत है। इससे अचानक बैलेंस कम होने की स्थिति में कारण समझने में आसानी होगी।
बिल में गड़बड़ी हो तो 1912 पर करें शिकायत
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपने स्मार्ट प्रीपेड मीटर और बिजली बिल की जानकारी नियमित रूप से जांचने की अपील की है। यदि बिल में कोई वास्तविक गड़बड़ी दिखाई देती है या राशि को लेकर संदेह है तो उपभोक्ता विद्युत विभाग के टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
