बिहार के राशन कार्डधारियों को राहत, अब घर बैठे करा सकेंगे राशन कार्ड की ई-केवाईसी; समझें तरीका
बिहार सरकार ने राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को आसान बनाया है, जिससे अब वे घर बैठे मोबाइल ऐप के जरिए अपना सत्यापन कर सकेंगे।

अब घर बैठे कराएं राशन कार्ड की ई केवाईसी। प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, भभुआ। राशन कार्डधारियों के लिए राहत भरी खबर है। अब ई-केवाईसी कराने के लिए गांव लौटने या जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकान का चक्कर लगाने की मजबूरी नहीं होगी।
रोजगार, शिक्षा या अन्य कारणों से दूसरे जिले अथवा राज्य में रहने वाले लाभुक भी अपने मोबाइल फोन से घर बैठे ई-केवाईसी करा सकेंगे। इससे बाहर रहने वालों को विशेष सुविधा मिलेगी।
बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर राशन कार्डधारियों के आधार आधारित सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है।
इसका उद्देश्य राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों का सत्यापन सुविधाजनक तरीके से पूरा कराना है, ताकि पात्र लाभुकों को सरकारी राशन का लाभ लेने में परेशानी न हो।
जन वितरण प्रणाली की दुकान पर ई-पॉस मशीन से सत्यापन
राशन कार्डधारियों को ई-केवाईसी कराने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं। पहला विकल्प अपने पंचायत या वार्ड की नजदीकी जन वितरण प्रणाली की दुकान पर जाकर ई-पॉस मशीन के माध्यम से सत्यापन कराने का है।
हालांकि, रोजगार और पढ़ाई के सिलसिले में दूसरे जिले या राज्य में रहने वाले लोगों के लिए बार-बार अपने गांव आना मुश्किल होता है।
ऐसे में मोबाइल से ई-केवाईसी की सुविधा उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। प्रशासन ने राशन कार्ड में दर्ज परिवार के प्रत्येक सदस्य की ई-केवाईसी समय पर पूरी कराने की अपील की है।
मोबाइल एप पर चेहरे से होगा सत्यापन
दूसरा विकल्प मोबाइल एप के माध्यम से ई-केवाईसी कराने का है। इसके तहत लाभुक अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर चेहरे के जरिए पहचान सत्यापित कर सकेंगे।
इससे दूसरे स्थानों पर रहने वाले राशन कार्डधारियों को सत्यापन के लिए अपने गृह जिले आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।मोबाइल से ई-केवाईसी करते समय लाभुकों को आधिकारिक एप का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
साथ ही, आधार से संबंधित जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए, ताकि व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग न हो।
भभुआ अनुमंडल में बनाए गए 7,375 नए राशन कार्ड
इधर, भभुआ अनुमंडल में स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था के तहत अब तक 7,375 नए राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। प्रशासन की ओर से राशन वितरण व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने और लाभुकों के सत्यापन की प्रक्रिया को बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है।
