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बिहार में खेती से जुड़ी 86 मशीनों पर मिलेगा 80 प्रतिशत तक अनुदान, 31 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन 

Published: Sun, 11 Oct 2026 02:38 PM (IST)

बिहार के कैमूर जिले में कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों को 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. कैमूर में 86 कृषि यंत्रों पर 80% तक अनुदान।

  2. योजना के तहत 7.73 करोड़ रुपये का अनुदान लक्ष्य।

  3. किसान 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जागरण संवाददाता, भभुआ। खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों की लागत कम करने के लिए जिले में कृषि यंत्रिकीकरण योजना के तहत इस वर्ष 7.73 करोड़ रुपये का अनुदान देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

योजना के तहत 86 प्रकार के कृषि यंत्रों की खरीद पर किसानों को 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। इसको ले अब तक 2463 किसानों ने आवेदन किया है।

सब मिशन आन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत किसानों को खेत की जुताई, बुआई, निकाई-गुड़ाई, सिंचाई, कटाई, फसल ढुलाई और उद्यान से संबंधित कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान मिलेगा।

साथ ही गांवों में कृषि यंत्र बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर, स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर, फार्म मशीनरी बैंक और किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने किया जा रहा है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी आधुनिक कृषि उपकरणों का लाभ मिल सकेगा।

31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन का मौका

कृषि यंत्र खरीदने के इच्छुक किसान 31 अक्टूबर तक कृषि विभाग की वेबसाइट व पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को पहले बिहार कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। आधार आधारित सत्यापन पूरा होने के बाद कृषि यंत्रिकीकरण योजना के पोर्टल पर आवेदन किया जा सकेगा।

अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को विभाग की ओर से सूचीबद्ध विक्रेताओं से ही कृषि यंत्र खरीदने होंगे। योजना का उद्देश्य खेती के पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। इससे कृषि कार्यों में समय और श्रम की बचत होगी तथा खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी।

किसानों का लाटरी से होगा चयन

योजना के तहत प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर किसानों का चयन लाटरी के माध्यम से किया जाएगा। लाटरी की तिथि को ही चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा।

स्वीकृति पत्र की वैधता 15 दिनों की होगी। इस अवधि में कृषि यंत्र की खरीद नहीं करने पर स्वीकृति पत्र स्वतः रद हो जाएगा। अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी किसानों के खाते में भेजी जाएगी।

जिले में कृषि कार्यों को आधुनिक बनाने के लिए 10 ड्रोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 32 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर, छह कस्टम हायरिंग सेंटर और एक कृषि यंत्र बैंक स्थापित करने की योजना है। अनुदानित दर पर 1151 कृषि यंत्र उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

कृषि यंत्रिकीकरण योजना के तहत सभी 11 प्रखंडों से किसानों ने आवेदन किया है। प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार मोहनिया में सबसे अधिक 477 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा भभुआ में 383, चांद में 355 और नुआंव में 323 किसानों ने आवेदन किया है।

वहीं, रामगढ़ में 251, कुदरा में 189, दुर्गावती में 178, चैनपुर में 145, भगवानपुर और रामपुर में 76-76 तथा अधौरा में 10 किसानों ने आवेदन किया है।

कृषि यंत्र बैंक के लिए आठ लाख तक अनुदान

योजना के तहत कृषि यंत्र बैंक की स्थापना के लिए आठ लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। कृषि यंत्र बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसान जरूरत के अनुसार किराये पर आधुनिक कृषि उपकरण प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन किसानों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो महंगे कृषि यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं हैं।

कृषि यंत्रिकीकरण योजना के तहत किसानों को अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू है। किसानों से अपील है कि वे 31 अक्टूबर तक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं। -अकरम अंसारी, उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण